BhagalpurBhagalpur
Spread the love

रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Bhagalpur : बिहार के भागलपुर जिले से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नवगछिया अनुमंडल के खैरपुर कदवा गांव में एक सेप्टिक टैंक (Septic Tank) के अंदर काम करने उतरे तीन मजदूरों की दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान श्रीलाल मंडल, जय नंदन मंडल और बमबम मंडल के रूप में हुई है। यह घटना सुरक्षा मानकों की अनदेखी और बंद टैंकों में पनपने वाली जहरीली गैसों के जानलेवा खतरे को एक बार फिर उजागर करती है।

Bhagalpur हादसे का खौफनाक घटनाक्रम: एक के बाद एक गए तीन लोग

प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब मजदूर सेप्टिक टैंक के अंदर काम करने के लिए उतरे। सबसे पहले श्रीलाल मंडल टैंक के भीतर गए थे। लेकिन टैंक के अंदर जमा जहरीली गैसों और ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण उनका दम घुटने लगा और उनकी हालत बिगड़ने लगी। अपने साथी को तड़पता देख जय नंदन मंडल उसे बचाने के लिए तुरंत टैंक में उतरे, लेकिन गैस का प्रभाव इतना तेज था कि वे भी वहां बेहोश हो गए। इसके बाद तीसरे मजदूर बमबम मंडल ने दोनों की जान बचाने की उम्मीद में टैंक के अंदर छलांग लगा दी, परंतु वह भी इस ‘मौत के कुएं’ से जिंदा बाहर नहीं आ सके।

Bhagalpur चौथे व्यक्ति की बिगड़ी तबीयत और ग्रामीणों का रेस्क्यू

स्थिति की भयावहता और तीनों मजदूरों के वापस न लौटने पर वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। इसके बाद एक चौथे व्यक्ति को कमर में रस्सी बांधकर टैंक में उतारने की कोशिश की गई। हालांकि, टैंक के मुहाने के भीतर जाते ही उसे भी घुटन और बेचैनी महसूस होने लगी। समय रहते उसे तुरंत बाहर खींच लिया गया, जिससे उसकी जान बच गई। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद किसी तरह तीनों बेहोश मजदूरों को टैंक से बाहर निकाला। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश अस्पताल पहुंचने से पहले ही तीनों ने दम तोड़ दिया था।

Bhagalpur मातम में डूबा गांव और मुआवजे की मांग

एक साथ तीन मौतों की खबर से पूरे खैरपुर कदवा गांव में मातम पसर गया है। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल बेहद गमगीन है। घटना की सूचना मिलते ही कदवा थाना पुलिस के साथ-साथ आसपास के दो अन्य थानों की पुलिस बल मौके पर पहुंच गई। हालात का जायजा लेने के लिए एसडीपीओ (SDPO) ओम प्रकाश और डीसीएलआर (DCLR) भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी और सरकारी प्रावधानों के तहत हर संभव आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। फिलहाल, स्थानीय लोग प्रशासन से मृतकों के आश्रितों के लिए उचित मुआवजे और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों के सख्त पालन की पुरजोर मांग कर रहे हैं।

Also Read This: Munger में हथियारों के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़: 15 पिस्टल और 30 मैगजीन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार