रिपार्टर: रविन्द्र सिंह
Sitamarhi : बिहार के सीतामढ़ी जिले को एक आधुनिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने यहाँ ‘सीतापुरम’ नामक नई सैटेलाइट टाउनशिप बसाने की योजना को हरी झंडी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के तहत, चिन्हित किए गए विशेष क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और किसी भी प्रकार के नए निर्माण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

Sitamarhi पुनौरा धाम बनेगा केंद्र: इन क्षेत्रों में प्रभावी होगा प्रतिबंध
प्रस्तावित सीतापुरम टाउनशिप का मुख्य केंद्र विश्व विख्यात पुनौरा धाम होगा। सरकार ने इसके चारों ओर लगभग 700 एकड़ भूमि को ‘कोर क्षेत्र’ के रूप में चिन्हित किया है। मास्टर प्लान 2041 के अंतर्गत इस योजना में नगर निगम क्षेत्र के अलावा डुमरा प्रखंड के 16 राजस्व गांवों को शामिल किया गया है।
अवैध निर्माण और अनियोजित बसावट को रोकने के लिए स्थानीय रजिस्ट्री कार्यालय को भी इस प्रतिबंध के बारे में आधिकारिक तौर पर सूचित कर दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 30 जून 2027 तक, जब तक मास्टर प्लान को अंतिम रूप देकर अधिसूचित नहीं कर दिया जाता, तब तक इन क्षेत्रों में किसी भी तरह का भूमि विकास कार्य या जमीन का सौदा गैर-कानूनी माना जाएगा।
Sitamarhi ‘स्पिरिचुअल सिटी’ का सपना और आधुनिक बुनियादी ढांचा
इस परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य सीतामढ़ी को एक ‘स्पिरिचुअल सिटी’ (आध्यात्मिक शहर) के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। वर्तमान में शहर के अनियंत्रित विस्तार के कारण सीवरेज, जल निकासी और सड़कों के चौड़ीकरण में काफी समस्याएं आती हैं। मास्टर प्लान के जरिए इन चुनौतियों का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
सीतापुरम को शहर की प्रस्तावित रिंग रोड और एक्सप्रेस-वे से सीधे जोड़ा जाएगा। यहाँ रहने वाले लोगों को विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं मिलेंगी, जिनमें शामिल हैं:
- अत्याधुनिक जल निकासी प्रणाली और सीवरेज नेटवर्क।
- चौड़ी सड़कें, सुंदर पार्क और हरियाली युक्त क्षेत्र।
- विश्वस्तरीय होटल और बड़े शॉपिंग मॉल।
- शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आरक्षित क्षेत्र।
Sitamarhi आर्थिक उन्नति और रोजगार के नए अवसर
सीतापुरम केवल एक आवासीय टाउनशिप नहीं, बल्कि जिले के लिए एक बड़ा आर्थिक इंजन साबित होगी। इस परियोजना से निवेश के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे रियल एस्टेट, पर्यटन और सेवा क्षेत्र में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। नए व्यापारिक केंद्र बनने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे।
प्रशासन ने आम जनता को सचेत किया है कि वे भविष्य की कानूनी पेचीदगियों और वित्तीय नुकसान से बचने के लिए चिन्हित 700 एकड़ के दायरे में किसी भी तरह का निवेश न करें। किसी भी सौदे से पहले विभाग की आधिकारिक अधिसूचना और मास्टर प्लान की सीमाओं की जांच अवश्य कर लें।
Also Read This: Horoscope: 23.04.2026, धृति योग और गंगा सप्तमी का शुभ संयोग, इन राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

