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Report by: Yogendra Singh

Ghaziabad : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बिजली विभाग की स्मार्ट मीटर योजना के खिलाफ विरोध की लहर अब और तेज हो गई है। गुरुवार को बड़ी संख्या में दिव्यांगों ने कलेक्ट्रेट परिसर का घेराव कर बिजली बिलों में आ रही गड़बड़ियों के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे दिव्यांगों ने घंटों तक मुख्य मार्ग को जाम रखा, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।

Ghaziabad अनियमित बिल और पारदर्शिता की कमी का आरोप

प्रदर्शनकारी दिव्यांगों का सबसे बड़ा आरोप बिजली बिलों की पारदर्शिता को लेकर है। उनका कहना है कि जब से घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, तब से बिजली के बिल दोगुने-तिगुने होकर आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ तौर पर कहा कि वे पहले ही शारीरिक और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं, ऐसे में बिजली विभाग की यह तकनीकी खामियां और भारी-भरकम बिल उनके घर का बजट बिगाड़ रहे हैं। उनका यह भी आरोप है कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी खराबी के कारण बिना किसी कारण के अक्सर बिजली गुल हो जाती है, जिससे दैनिक जीवन दूभर हो गया है।

Ghaziabad ज्ञापन के बाद भी सुनवाई न होने पर फूटा गुस्सा

प्रदर्शन कर रहे दिव्यांगों ने प्रशासन की संवेदनहीनता पर गहरा दुख व्यक्त किया। उनके अनुसार, स्मार्ट मीटर की इस समस्या के समाधान के लिए वे पूर्व में भी कई बार संबंधित अधिकारियों और विभाग को लिखित ज्ञापन सौंप चुके हैं। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब विभाग ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया, तो मजबूरन उन्हें कलेक्ट्रेट के सामने सड़क पर बैठकर चक्काजाम करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर अब भी उनकी आवाज नहीं सुनी गई, तो यह आंदोलन और भी बड़ा रूप लेगा।

Ghaziabad सड़क पर घंटों रहा तनाव, चरमराई यातायात व्यवस्था

दिव्यांगों द्वारा सड़क जाम किए जाने के कारण कलेक्ट्रेट के आसपास के इलाकों में लंबा जाम लग गया। शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बातचीत के लिए धरना स्थल पर पहुंचे।

Ghaziabad प्रशासनिक आश्वासन के बाद शांत हुआ आंदोलन

मामले को शांत कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी दिव्यांगों के प्रतिनिधिमंडल से लंबी वार्ता की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि स्मार्ट मीटरों की तकनीकी जांच कराई जाएगी और जिन उपभोक्ताओं के बिलों में विसंगतियां हैं, उन्हें सुधारने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे। प्रशासन की ओर से मिले इस ठोस आश्वासन और निष्पक्ष जांच के वादे के बाद दिव्यांगों ने अपना जाम खोला और सड़क से हटे। इसके बाद ही पुलिस ने यातायात को दोबारा सामान्य कराया।

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