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Report by: Yogendra Singh

Pilibhit : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में ‘जनगणना 2027’ के महाभियान का औपचारिक आगाज़ हो गया है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने सदर तहसील में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान इस राष्ट्रीय अभियान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रशासनिक अमले को पूरी संजीदगी और पारदर्शिता के साथ आंकड़ों को जुटाने के निर्देश दिए।

Pilibhit सटीक डेटा से तय होगी विकास की दिशा

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल सिरों की गिनती नहीं है, बल्कि यह देश और जिले के भविष्य के विकास की रूपरेखा तैयार करने का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

  • उद्देश्य: जिले की जनसंख्या के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सटीक आकलन करना।
  • फायदा: इन आंकड़ों के आधार पर ही आगामी वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़ी सरकारी योजनाओं का खाका तैयार किया जाएगा।

Pilibhit घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगी टीमें

जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए जिले में विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें जिले के प्रत्येक घर तक पहुँचेंगी और निर्धारित मानकों के अनुरूप जानकारी एकत्र करेंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष निगरानी तंत्र विकसित किया गया है, ताकि मानवीय त्रुटि की गुंजाइश न रहे।

Pilibhit नागरिकों से सहयोग की अपील

जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने पीलीभीत के नागरिकों से इस राष्ट्रीय कार्य में बढ़-चढ़कर सहयोग करने का आह्वान किया है। उन्होंने अपील की कि जब गणना टीमें आपके द्वार पर आएं, तो उन्हें पूरी और सही जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि गलत जानकारी न केवल विकास योजनाओं को प्रभावित कर सकती है, बल्कि यह एक नागरिक कर्तव्य की अनदेखी भी होगी।

Pilibhit समयबद्धता और अनुशासन पर जोर

बैठक के दौरान डीएम ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी टीमों को उनके लक्ष्य और क्षेत्र आवंटित कर दिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जिले के हर घर का डेटा संकलित कर लिया जाए।

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