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Report by: Santosh Saravagi

Dabra : मध्य प्रदेश के डबरा में गैस उपभोक्ताओं को इन दिनों भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मानसिंह गैस एजेंसी पर व्याप्त अव्यवस्थाओं और खुलेआम हो रही अवैध वसूली ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। हमारे संवाददाता द्वारा की गई पड़ताल में सामने आया है कि एजेंसी संचालक न केवल रसीदों के नाम पर खेल कर रहे हैं, बल्कि निर्धारित कीमतों से कहीं अधिक दाम पर सिलेंडर बेच रहे हैं।

Dabra तकनीकी खराबी का बहाना और ‘हाथ की पर्ची’ का खेल

मानसिंह गैस एजेंसी पर आने वाले उपभोक्ताओं को हर दिन नए बहानों का सामना करना पड़ता है। कभी कंप्यूटर खराब होने तो कभी प्रिंटर में तकनीकी खामी का हवाला देकर उपभोक्ताओं को डिजिटल रसीद देने से मना कर दिया जाता है। इसके बदले में एजेंसी द्वारा हाथों से लिखी कच्ची पर्चियां थमाई जा रही हैं। जानकारों का मानना है कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है ताकि सरकारी रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर उपभोक्ताओं से मनचाहा पैसा वसूला जा सके।

Dabra 900 का सिलेंडर 1500 में: डबरा में कालाबाजारी चरम पर

एजेंसी पर लूट का आलम यह है कि जो गैस सिलेंडर करीब 900 रुपये की निर्धारित दर पर मिलना चाहिए, उसके लिए उपभोक्ताओं से 1200 से लेकर 1500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग, जिन्हें समय पर होम डिलीवरी नहीं मिल पा रही, जब खुद एजेंसी पहुँचते हैं तो उनसे मजबूरी का फायदा उठाकर यह अतिरिक्त राशि वसूली जाती है। डिजिटल भुगतान के बजाय नकद और कच्ची पर्चियों पर काम होने से इस भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।

Dabra होम डिलीवरी ठप, कोसों दूर से आने को मजबूर उपभोक्ता

एजेंसी की कार्यप्रणाली इस कदर सुस्त हो चुकी है कि समय पर गैस की आपूर्ति घरों तक नहीं पहुँच रही है। उपभोक्ता हफ्तों तक इंतज़ार करने के बाद मजबूरी में डबरा स्थित मुख्य कार्यालय पहुँच रहे हैं। दूर-दराज के गाँवों से आने वाले इन लोगों को न केवल किराया खर्च करना पड़ रहा है, बल्कि एजेंसी पर आकर भी उन्हें घंटों लाइनों में लगने और अपमानजनक व्यवहार सहने के बाद महंगा सिलेंडर लेना पड़ रहा है।

Dabra प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

डबरा में खुलेआम चल रही इस लूट पर अब तक खाद्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की खामोशी संदेह पैदा कर रही है। हमारे संवाददाता ने जब मौके का मुआयना किया, तो पाया कि उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर मानसिंह गैस एजेंसी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे, या फिर गरीब जनता इसी तरह सिस्टम की भेंट चढ़ती रहेगी?

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