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Report by: Samjeev Kumar

Bokaro : पुष्पा हत्याकांड की जांच के बीच जिले के पुलिस महकमे में एक बड़ा भूचाल आ गया है। बोकारो पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा पिंडाजोरा थाने के 28 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को एक साथ निलंबित किए जाने के फैसले ने पुलिस एसोसिएशन को आक्रोशित कर दिया है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने इस कार्रवाई को न केवल अनुचित बताया है, बल्कि एसपी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग शुरू कर दी है।

Bokaro एसपी की कार्रवाई को बताया ‘अपरिपक्व’ और ‘दुर्भाग्यपूर्ण’

झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने एसपी के इस सामूहिक निलंबन के आदेश पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से बयान जारी करते हुए कहा कि 28 पुलिसकर्मियों को एक साथ निलंबित करना एसपी के ‘अपरिपक्व’ व्यवहार और ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ निर्णय को दर्शाता है। मुर्मू का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों पर गाज गिराना किसी भी नजरिए से न्यायसंगत नहीं है। एसोसिएशन का तर्क है कि इस तरह के फैसलों से पुलिस बल का मनोबल गिरता है और कार्यशैली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

Bokaro पुष्पा हत्याकांड की जांच में विफलता का आरोप

एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सीधे तौर पर एसपी की कार्यकुशलता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुष्पा हत्याकांड एक संवेदनशील मामला था, जिसकी गुत्थी सुलझाने में जिला पुलिस कप्तान यानी एसपी पूरी तरह विफल रहे हैं। राहुल मुर्मू के अनुसार, अपनी इसी प्रशासनिक विफलता को छिपाने के लिए और जनता के आक्रोश से बचने के लिए एसपी ने निचले स्तर के पुलिसकर्मियों को बलि का बकरा बनाया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह कार्रवाई आज के लोकतांत्रिक भारत की नहीं, बल्कि ‘अंग्रेजी हुकूमत’ के दमनकारी दौर की याद दिलाती है।

Bokaro जवाबदेही पर सवाल: नेतृत्व करने वालों पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई?

राहुल मुर्मू ने जांच प्रक्रिया की विसंगतियों को उजागर करते हुए एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पुष्पा हत्याकांड की जांच के लिए गठित टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) कर रहे थे। मुर्मू ने पूछा कि जब जांच टीम का नेतृत्व एक उच्चाधिकारी कर रहा था, तो सारी गाज सिर्फ निचले स्तर के 28 कर्मियों पर ही क्यों गिरी? नेतृत्व करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई? एसोसिएशन का आरोप है कि जांच की विफलता का ठीकरा केवल छोटे कर्मचारियों पर फोड़ना प्रशासनिक पक्षपात का उदाहरण है।

Bokaro मुख्यमंत्री और डीजीपी से हस्तक्षेप की अपील

पुलिस एसोसिएशन ने अब इस मामले को राज्य स्तर पर ले जाने का मन बना लिया है। राहुल मुर्मू ने स्पष्ट किया है कि वे इस पूरे प्रकरण और एसपी की ‘एकतरफा’ कार्रवाई की शिकायत झारखंड के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (DGP) से करेंगे। एसोसिएशन की मुख्य मांग यह है कि बोकारो एसपी को तत्काल उनके पद से हटाया जाए और पुष्पा हत्याकांड की नए सिरे से निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पुलिसकर्मियों के साथ न्याय नहीं हुआ और तानाशाही रवैया बंद नहीं किया गया, तो एसोसिएशन आगे की रणनीति तय करेगा।

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