BokaroBokaro
Spread the love

Report by: Sanjeev Kumar

Bokaro : झारखंड के औद्योगिक केंद्र बोकारो से एक दुखद खबर सामने आई है। बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के भीतर काम के दौरान हुए एक हादसे में एक संविदा कर्मी की जान चली गई है। यह घटना प्लांट के आईएमएफ (IMF) विभाग की है, जहाँ सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।

Bokaro ड्यूटी के दौरान क्रेन से गिरने से हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ‘ए’ शिफ्ट के दौरान प्लांट में सामान्य कामकाज चल रहा था। सुबह करीब 9:50 बजे मेसर्स नीरज इंटरप्राइसेस के तहत कार्यरत संविदा कर्मी गणेश महतो (37 वर्ष) क्रेन संख्या 3 पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे ऊंचाई से सीधे नीचे गिर पड़े। इस आकस्मिक गिरावट के कारण उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें आईं।

Bokaro इलाज के दौरान बीजीएच (BGH) में तोड़ा दम

हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर मौजूद अन्य कर्मियों ने उन्हें आनन-फानन में प्लांट के भीतर स्थित मेडिकल सेंटर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) रेफर कर दिया। अस्पताल में सघन चिकित्सा के बावजूद, सुबह लगभग 10:50 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर से प्लांट परिसर और मृतक के परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है।

Bokaro प्रबंधन की संवेदना और जांच के निर्देश

घटना के बाद बीएसएल (BSL) प्रबंधन ने आधिकारिक बयान जारी कर मृतक गणेश महतो के प्रति संवेदना व्यक्त की है। प्रबंधन ने कहा कि यह एक अत्यंत दुखद घटना है और वे शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े हैं। हालांकि, विभाग ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि हादसा मानवीय चूक थी या तकनीकी खराबी। प्लांट के सुरक्षा विभाग को घटना के कारणों की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

Bokaro ठेका श्रमिकों की सुरक्षा पर चिंता

इस हादसे ने प्लांट में कार्यरत हजारों ठेका श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। ठेका प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्राण सिंह ने इस घटना पर दुख जताते हुए श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की है। अक्सर यह आरोप लगते रहे हैं कि संविदा कर्मियों को जोखिम भरे कार्यों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण या प्रशिक्षण नहीं मिलता। यूनियन प्रतिनिधियों ने मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और आश्रित को नियोजन दिया जाए।

Also Read This: Dabra: ‘फर्जी’ अस्पतालों का मायाजाल, क्लीनिक के नाम पर चल रहे अवैध हॉस्पिटल, नियमों की उड़ी धज्जियां