Report by: Ravindra Singh
Omkareshwar : मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में स्थित प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर के नवीन घाट पर आज एक बड़ा हादसा हो गया। श्रद्धालुओं से भरी एक नाव बीच नदी में संतुलन बिगड़ने के कारण जलमग्न हो गई। नाव के डूबते ही चारों ओर चीख-पुकार मच गई, जिसे सुनकर स्थानीय नाविकों और गोताखोरों ने साहस का परिचय देते हुए नदी में छलांग लगा दी। समय रहते की गई इस कार्रवाई से 10 जिंदगियों को पानी से बाहर निकाल लिया गया, जिनमें से दो की हालत फिलहाल नाजुक बनी हुई है।
Omkareshwar कैसे हुआ हादसा: लहरों के बीच संतुलन बिगड़ने से मची चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव क्रमांक 225, जिसे नाविक सतीश चला रहा था, श्रद्धालुओं को लेकर नर्मदा के उस पार जा रही थी। नवीन घाट के समीप जब नाव पहुँची, तभी पास से गुजर रही एक अन्य नाव की लहरों और बेहद करीब होने की वजह से नाव अनियंत्रित होकर डगमगाने लगी। नाविक जब तक उसे संभाल पाता, नाव पूरी तरह पानी में पलट गई। घाट पर मौजूद लोग इस दृश्य को देखकर सहम गए, लेकिन स्थानीय गोताखोरों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया और सभी 10 यात्रियों को किनारे तक पहुँचाया।
Omkareshwar झारखंड और हरियाणा के थे श्रद्धालु, अस्पताल में इलाज जारी
हादसे का शिकार हुए श्रद्धालुओं में से अधिकांश झारखंड के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए तीर्थ यात्रा पर आए थे। रेस्क्यू के तुरंत बाद सभी को ओंकारेश्वर सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के डॉ. रवि वर्मा ने जानकारी दी कि डूबने के कारण हरियाणा के दो श्रद्धालुओं के फेफड़ों में काफी पानी भर गया है, जिससे उन्हें सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ हो रही है। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए खंडवा/इंदौर के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया है।
Omkareshwar प्रशासन सख्त: सुरक्षा मानकों और लापरवाही की होगी जांच
हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है। नगर परिषद सीएमओ मोनिका पारधी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को सुरक्षा नियमों की कड़ाई से जांच करने के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे या नाविक द्वारा सुरक्षा मानकों (जैसे लाइफ जैकेट) की अनदेखी की गई थी। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और नाव संचालन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
Omkareshwar तीर्थ नगरी में सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
ओंकारेश्वर में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में नाव पलटने की यह घटना जल सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों की मांग है कि घाटों पर सुरक्षा घेरा और कड़ा किया जाए और नाविकों के लिए विशेष प्रशिक्षण अनिवार्य हो। श्रद्धालुओं का कहना है कि नावों के बीच सुरक्षित दूरी का नियम न होना अक्सर ऐसे हादसों को आमंत्रण देता है। फिलहाल, प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से कुछ समय के लिए नावों के आवागमन पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
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