Report by: Santosh Sarabagi
Dabra : ग्वालियर जिले की डबरा नगर पालिका इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और स्थिति यह है कि आम जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी अधिकारियों के दरवाजों पर माथा पटकना पड़ रहा है। शुक्रवार को आक्रोशित नागरिकों का सब्र उस वक्त टूट गया जब उन्होंने नगर पालिका सीएमओ के बंगले के ठीक सामने स्थित पार्क की बदहाली को लेकर मोर्चा खोल दिया।
Dabra सीएमओ की नाक के नीचे गंदगी: ‘दीया तले अंधेरा’ की स्थिति
हैरानी की बात यह है कि डबरा शहर का सबसे बड़ा और प्रमुख पार्क, जहाँ प्रतिदिन 200 से 300 लोग सुबह-शाम टहलने और योग करने आते हैं, वह नगर पालिका सीएमओ साक्षी वाजपेयी के निवास के ठीक सामने स्थित है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब सीएमओ अपने घर के सामने की गंदगी नहीं देख पा रही हैं, तो पूरे शहर की सफाई व्यवस्था का अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है। पार्क में कचरे के ढेर और फैली गंदगी के कारण यहाँ योग करने आने वाले लोगों का सांस लेना भी दूभर हो गया है।

Dabra बंगले से बाहर नहीं निकलीं सीएमओ, बंद रहे दरवाजे
पार्क की बदहाली और शहर की सफाई व्यवस्था से त्रस्त नागरिकों ने आज अपना विरोध जताने के लिए सीएमओ साक्षी वाजपेयी के निवास पर दस्तक दी। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाज़ी की और हल्ला बोलकर अपना विरोध दर्ज कराया। हालाँकि, अधिकारियों की संवेदनहीनता यहाँ भी देखने को मिली। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि सीएमओ मैडम न तो कमरे से बाहर निकलीं और न ही उनके बंगले के गेट खोले गए। जनता की समस्याओं को सुनने के बजाय उनसे दूरी बनाना अधिकारियों के उदासीन रवैये को स्पष्ट करता है।

Dabra एसडीएम कार्यालय तक पहुँची शिकायत
सीएमओ से मुलाक़ात न होने पर निराश और आक्रोशित लोग पास ही स्थित एसडीएम रूपेश कुमार सिंघई के बंगले पर पहुँचे। हालाँकि, एसडीएम महोदय के उपलब्ध न होने के कारण उनसे सीधे रूबरू नहीं हो सके, लेकिन लोगों ने उनके बाबू (कार्यालय कर्मचारी) को नगर पालिका की ताज़ा स्थिति से अवगत कराया। लोगों का कहना है कि यदि शहर के मुख्य पार्कों का यह हाल है, जहाँ शहर का प्रबुद्ध वर्ग आता है, तो गलियों और मोहल्लों की स्थिति तो नारकीय हो चुकी होगी।

Dabra योग और सेहत पर भारी पड़ती लापरवाही
पार्क में आने वाले बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि वे यहाँ शुद्ध हवा और योग के लिए आते हैं, लेकिन नगर पालिका के भ्रष्टाचार और सुस्ती ने इसे कचरा घर बना दिया है। आए दिन पार्क में गंदगी के अंबार लगे रहते हैं, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही डबरा की सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी कार्यप्रणाली नहीं बदली, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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