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Report by: Prabhat Kumar

Godda : जिले के मीडिया जगत और जिला प्रशासन के बीच गतिरोध गहराता जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर की जा रही अनदेखी और सूचनाओं के आदान-प्रदान में बरती जा रही उदासीनता से आक्रोशित पत्रकारों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। स्थानीय अग्रसेन भवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में जिले के पत्रकारों ने प्रशासन के रवैये को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ करार दिया है।

Godda ‘राजकीय महोत्सव’ में अपमान और सूचना का अभाव

बैठक में पत्रकारों ने हाल ही में संपन्न हुए गणतंत्र राजकीय महोत्सव के दौरान जनसंपर्क विभाग के व्यवहार पर गहरी आपत्ति जताई। पत्रकारों का आरोप है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया को इस महत्वपूर्ण आयोजन की न तो समय पर पूर्व सूचना दी गई और न ही आधिकारिक आमंत्रण भेजा गया।

प्रशासन के इस अपमानजनक रवैये से आहत होकर जिले के अधिकांश पत्रकारों ने विरोध स्वरूप जनसंपर्क विभाग के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप को छोड़ दिया है। हैरानी की बात यह है कि इस सामूहिक विरोध के बावजूद विभाग या वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से स्थिति सुधारने या संवाद करने की कोई कोशिश नहीं की गई, जिसे पत्रकारों ने प्रशासन की घोर उदासीनता माना है।

Godda प्रेस वार्ता बंद और अधिकारियों की ‘चुप्पी’ पर सवाल

पत्रकारों ने साझा तौर पर यह चिंता जताई कि जिले में पहले जो नियमित मासिक प्रेस वार्ता आयोजित होती थी, उसे अब अघोषित रूप से बंद कर दिया गया है। पत्रकारों का मानना है कि यह जनता से जुड़ी सूचनाओं को छिपाने की एक सोची-समझी मंशा हो सकती है।

इसके अलावा, बैठक में यह शिकायत भी प्रमुखता से उठी कि जिले के अधिकांश विभागीय अधिकारी न तो पत्रकारों के फोन उठाते हैं और न ही किसी गंभीर मुद्दे पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हैं। सूचना के इस अभाव के कारण जिले की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाना मुश्किल हो रहा है।

Godda उच्च स्तर तक शिकायत और चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति

बैठक के समापन पर पत्रकारों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस पूरे घटनाक्रम और प्रशासन के नकारात्मक व्यवहार को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन उपायुक्त (DC) को सौंपा जाएगा। इसके साथ ही इस मामले की लिखित शिकायत निम्नलिखित स्तरों पर भी भेजी जाएगी:

  • महामहिम राज्यपाल एवं माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड।
  • मुख्य सचिव एवं सूचना विभाग के निदेशक।
  • संबंधित विभागीय मंत्री एवं आयुक्त।

पत्रकारों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ज्ञापन सौंपने के बाद भी प्रशासनिक रवैये में सुधार नहीं आता है और मीडिया को उचित सम्मान व सूचनाएं नहीं मिलती हैं, तो जिले के समस्त पत्रकार सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को विवश होंगे।

Godda बैठक में उपस्थित प्रमुख चेहरे

इस बैठक में जिले के वरिष्ठ एवं युवा पत्रकारों ने हिस्सा लिया, जिनमें नीरव किशोर, अभय पलिवार, संतोष भगत, रंजीत राठौर, मनोज कुशवाहा, नरेंद्र महतो, इंतखाब आलम, संजीव झा, अमरेन्द्र सिंह, अमित सिंह, अजीत सिंह, अभिजीत तन्मय, दिलीप झा, ओम प्रकाश शुक्ला, कौशल किशोर और विश्वजीत कुमार सहित कई अन्य मीडियाकर्मी शामिल थे।

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