MP-UP-Cooperation Conference : 31 मार्च 2026 को धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी एक ऐतिहासिक पल की गवाह बनने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार “एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026” के माध्यम से उत्तर प्रदेश के साथ विकास की एक नई इबारत लिखेगी। यह सम्मेलन केवल दो राज्यों की बैठक नहीं, बल्कि निवेश, पर्यटन, और पारंपरिक शिल्प को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का एक साझा संकल्प है।
आधुनिक तीर्थ प्रबंधन: काशी मॉडल से सीखेगा मध्य प्रदेश
MP-UP-Cooperation Conference सम्मेलन का आगाज़ मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विशेष अध्ययन भ्रमण से होगा। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य काशी के सफल ‘क्राउड मैनेजमेंट’ (भीड़ नियंत्रण), इंफ्रास्ट्रक्चर लेआउट और आधुनिक तीर्थयात्री सुविधा प्रणालियों को समझना है।
इस अनुभव का उपयोग मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक केंद्रों (जैसे उज्जैन और ओम्कारेश्वर) के कायाकल्प के लिए किया जाएगा। यह पहल न केवल पर्यटन को सुव्यवस्थित करेगी, बल्कि श्रद्धालुओं के अनुभव को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम साबित होगी।
गंगा-नर्मदा क्राफ्ट कॉरिडोर: चंदेरी, महेश्वरी और बनारसी सिल्क का मेल
MP-UP-Cooperation Conference इस सम्मेलन की सबसे अभिनव पहल “गंगा-नर्मदा क्राफ्ट कॉरिडोर” है। इसके तहत मध्य प्रदेश के विश्वप्रसिद्ध चंदेरी और महेश्वरी बुनकर, वाराणसी के बनारसी सिल्क कारीगरों के साथ मिलकर काम करेंगे।
- संयुक्त कार्यशाला: दोनों राज्यों के शिल्पकारों के लिए ‘जॉइंट आर्टिजन वर्कशॉप’ आयोजित की जाएगी।
- साझा ब्रांडिंग: स्थानीय उत्पादों (ODOP) और जीआई (GI) टैग प्राप्त वस्तुओं को एक अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए साझा मार्केटिंग रणनीति तैयार की जाएगी।
- बाजार विस्तार: हस्तशिल्प को आधुनिक फैशन और वैश्विक बाजार की जरूरतों के अनुरूप ढालने पर चर्चा होगी, जिससे बुनकरों की आय में सीधा इजाफा होगा।
पर्यटन और निवेश: काशी-उज्जैन-चित्रकूट सर्किट का उदय
MP-UP-Cooperation Conference आर्थिक और धार्मिक विकास को गति देने के लिए सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसमें सबसे प्रमुख ‘काशी-उज्जैन-चित्रकूट धार्मिक पर्यटन सर्किट’ का विकास है।
- एकीकृत पर्यटन मॉडल: IRCTC और बड़े टूर ऑपरेटर्स के साथ मिलकर एक ऐसा रूट तैयार किया जाएगा जिससे पर्यटक एक ही यात्रा में तीनों पवित्र शहरों का भ्रमण कर सकें।
- औद्योगिक साझेदारी: एमएसएमई (MSME), खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing), और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए निवेशकों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच दिया जाएगा।
- प्रदर्शनी: एक भव्य प्रदर्शनी के माध्यम से मध्य प्रदेश अपनी औद्योगिक ताकत और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेगा, जो निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह विजन मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच केवल भौगोलिक सीमाओं को ही नहीं जोड़ रहा, बल्कि व्यापार और परंपरा के बीच एक अटूट सेतु का निर्माण कर रहा है। “एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026” आने वाले समय में अंतरराज्यीय सहयोग का एक रोल मॉडल बनकर उभरेगा।
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