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Report by: Sanjeev Kumar

Bokaro : जिले के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र के खूंटाडीह गांव से पिछले 7 महीनों से लापता 18 वर्षीय पुष्पा कुमारी के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिसिया जांच में हो रही देरी और लापरवाही को लेकर अदालत ने न केवल पुलिस की कड़ी खिंचाई की, बल्कि मुख्य आरोपी का नार्को टेस्ट कराने का ऐतिहासिक आदेश भी जारी किया है।

हाईकोर्ट की फटकार: 7 महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली

Bokaro झारखंड हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने केस की कछुआ गति पर गहरी नाराजगी जताई। बोकारो के पुलिस अधीक्षक (SP) हरविंदर सिंह केस डायरी और निचली अदालत के रिकॉर्ड के साथ सशरीर कोर्ट में उपस्थित हुए।

अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 7 महीने बीत जाने के बाद भी एक युवती का सुराग न मिलना पुलिस की कार्यक्षमता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि हिरासत में लिए गए मुख्य आरोपी दिनेश महतो का नार्को टेस्ट कराया जाए और इसकी रिपोर्ट 2 सप्ताह के भीतर पेश की जाए। अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि यदि जांच में सुधार नहीं हुआ, तो केस की जांच CBI को सौंपी जा सकती है।

जांच में परत-दर-परत खुलती लापरवाही

Bokaro सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली में कई बड़ी खामियां उजागर हुईं, जिन्होंने मामले को और उलझा दिया है:

  • FIR में देरी: युवती 21 जुलाई 2025 से लापता है। 27 जुलाई को गुमशुदगी का सनहा दर्ज हुआ, लेकिन प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने में 10 दिन की देरी की गई (4 अगस्त 2025)। राज्य सरकार इस देरी का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी।
  • आरोपी का फरार होना: परिजनों को सूचना मिली थी कि पुष्पा पुणे में है। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया, लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि पुणे ले जाते समय वह पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गया।
  • सिम कार्ड का रहस्य: परिजनों का आरोप है कि मुख्य आरोपी के नाम पर 26 सिम कार्ड थे, लेकिन पुलिस इस महत्वपूर्ण तथ्य को नजरअंदाज कर रही है।

परिजनों का आरोप: “पुलिस नहीं कर रही ईमानदारी से जांच”

Bokaro लापता पुष्पा की माँ रेखा देवी और पिता अनंत महतो ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस शुरू से ही मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। परिजनों के अनुसार, उन्होंने लिखित शिकायत दी थी, जबकि पुलिस अदालत में इसे केवल ‘सनहा’ बता रही है। परिजनों ने मांग की है कि उनकी बेटी को चाहे वह जिस हाल में हो, ढूंढकर लाया जाए।

इस मामले में बरती गई कोताही को लेकर बोकारो एसपी ने संबंधित थाना प्रभारी को शोकॉज (Show-cause) नोटिस भी जारी किया है।

एसपी की प्रतिक्रिया: “न्यायालय के निर्देशों का होगा पालन”

Bokaro हाईकोर्ट में उपस्थिति के बाद मीडिया से बात करते हुए बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने कहा, “हमने जांच से संबंधित सभी तथ्यों को माननीय न्यायालय के समक्ष रखा है। कोर्ट ने जांच को लेकर कुछ दिशा-निर्देश दिए हैं। पूरी जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और हमें उम्मीद है कि जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।” हालांकि, नार्को टेस्ट की बारीकियों पर उन्होंने अधिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

अब देखना यह होगा कि नार्को टेस्ट के बाद इस रहस्यमयी गुमशुदगी केस में क्या नया मोड़ आता है और क्या पुष्पा के परिवार को न्याय मिल पाएगा।

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