India–Iran relationsIndia–Iran relations
Spread the love

India–Iran relations : पश्चिम एशिया में जारी भारी सैन्य तनाव और अमेरिका-इजरायल के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान ने भारत के साथ अपने संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने घोषणा की है कि भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं। बघाई ने जोर देकर कहा कि ईरान का इरादा वैश्विक तेल आपूर्ति में बाधा डालना कतई नहीं है, लेकिन वर्तमान सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए वे उन देशों को छूट नहीं दे सकते जो सीधे तौर पर युद्ध का हिस्सा हैं।

होर्मुज जलमार्ग की सुरक्षा और भारत का विशेष स्थान

India–Iran relations ईरान ने स्पष्ट किया है कि भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध बेहद मजबूत हैं। प्रवक्ता बघाई के अनुसार, दोनों राष्ट्रों के आर्थिक और सुरक्षा हित एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि चूँकि भारत इस युद्ध में शामिल नहीं है, इसलिए उसके व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करना ईरान की प्राथमिकता है। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत, युद्ध में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले या सहयोग करने वाले देशों के जहाजों को अब “तटस्थ” नहीं माना जाएगा और उन्हें इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

क्षेत्रीय असुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय दखल पर ईरान का रुख

India–Iran relations होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल और गैस की आपूर्ति में आने वाली रुकावटों पर बात करते हुए बघाई ने कहा कि इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराना गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि क्षेत्र में अस्थिरता का मुख्य कारण बाहरी देशों (विशेषकर अमेरिका और इजरायल) की सैन्य गतिविधियाँ हैं। बघाई ने बताया कि 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों ने क्षेत्र की शांति भंग कर दी है। ईरान का दावा है कि वह केवल अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई कर रहा है और उसके द्वारा उठाए गए कदम अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के दायरे में हैं।

सर्वोच्च नेता की सेहत और आंतरिक स्थिति पर स्पष्टीकरण

India–Iran relations प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस्माइल बघाई ने ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर उड़ रही अफवाहों पर भी विराम लगाया। उन्होंने इन खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि सर्वोच्च नेता पूरी तरह स्वस्थ हैं और सक्रिय रूप से शासन का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जल्द ही मोजतबा खामेनेई का एक नया संदेश जारी किया जाएगा, जो देश की भविष्य की रणनीति और क्षेत्रीय स्थिति पर ईरान के आधिकारिक रुख को और अधिक स्पष्ट करेगा।

Also Read This: Masik shivratri 2026: जानें पूजा का शुभ समय और धार्मिक महत्व, भगवान शिव की आराधना का विशेष दिन