US-Iran Conflict : मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को लेकर एक सनसनीखेज बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद अब ईरान के पास मिसाइलों का भंडार लगभग समाप्त हो चुका है। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने वाली ईरान की ‘माइन-लेइंग’ (सुरंग बिछाने वाली) नौकाओं को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है। उनके अनुसार, अमेरिका ने ऐसी 30 नौकाओं को नष्ट कर दिया है, जिससे समुद्री मार्ग अब पहले से अधिक सुरक्षित हो गया है।
खार्ग आइलैंड पर हमला और सामरिक लक्ष्यों की तबाही
US-Iran Conflict राष्ट्रपति ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई का विवरण देते हुए बताया कि अमेरिकी बलों ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग आइलैंड (Kharg Island) को निशाना बनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमले का उद्देश्य ईरान की युद्ध लड़ने की क्षमता को पंगु बनाना था। ट्रंप ने कहा, “हमने तेल भंडार वाले क्षेत्रों को सुरक्षित रखते हुए शेष पूरे द्वीप को भारी नुकसान पहुँचाया है।” परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना और इजरायल की भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इजरायल कभी भी परमाणु हमला नहीं करेगा। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका का प्राथमिक लक्ष्य ईरान की मिसाइल और ड्रोन तकनीक को इतनी तेजी से खत्म करना है कि वह फिर से सिर न उठा सके।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संसाधनों की सुरक्षा
US-Iran Conflict होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर ट्रंप ने एक नया दृष्टिकोण पेश किया है। उन्होंने चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा में योगदान देने की अपील की। ट्रंप ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका को इस मार्ग से अपनी जरूरत का मात्र 1% तेल प्राप्त होता है, जबकि जापान को 95%, चीन को 90% और दक्षिण कोरिया को 35% तेल की आपूर्ति यहीं से होती है। ट्रंप का तर्क है कि जब इन देशों के आर्थिक हित इस मार्ग से जुड़े हैं, तो इसकी सुरक्षा का सारा बोझ और खर्च अकेले अमेरिका क्यों उठाए? उन्होंने इसे वैश्विक जिम्मेदारी बताते हुए अन्य देशों से आगे आने को कहा।
ईरान की सैन्य शक्ति को ‘कागजी शेर’ करार दिया
US-Iran Conflict ईरान द्वारा दी जा रही धमकियों और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने ईरान को एक “कागजी शेर” बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में हुई कार्रवाई के बाद स्थिति अब पूरी तरह वाशिंगटन के नियंत्रण में है। ट्रंप के अनुसार, ईरान की आक्रामक क्षमता अब केवल कागजों और बयानों तक सीमित रह गई है, क्योंकि जमीनी स्तर पर उसके महत्वपूर्ण संसाधन नष्ट किए जा चुके हैं। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि इस दबाव से न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बहाल होगी, बल्कि ईरान को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
Also Read This: Deoghar: राजकीय बैद्यनाथ महोत्सव 2026 का भव्य शंखनाद, आस्था और कला के संगम से सजी ‘बाबा नगरी’

