Report by: Ratan Kumar
Jamtara : जामताड़ा जिले के नारायणपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में 11वीं की छात्रा छामोली टुडू की असामयिक मृत्यु के बाद क्षेत्र में तनाव और शोक का माहौल है। परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर समय पर इलाज न उपलब्ध कराने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रदेश के मंत्री इरफान अंसारी ने हस्तक्षेप करते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

परिजनों का आरोप: “समय पर मिलता इलाज तो बच सकती थी जान”
Jamtara मृतक छात्रा के पिता वीर टुडू और अन्य परिजनों ने विद्यालय की वार्डन और प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
- मिलने से रोका गया: परिजनों के अनुसार, शनिवार सुबह छात्रा का भाई उससे मिलने विद्यालय पहुँचा था, लेकिन आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों और प्रबंधन ने उसे गेट पर ही रोक दिया और बीमार बहन से मिलने की अनुमति नहीं दी।
- इलाज में देरी: ग्रामीणों का कहना है कि जब छात्रा की स्थिति बहुत अधिक बिगड़ गई, तब उसे आनन-फानन में निजी वाहन से अस्पताल ले जाया गया। नारायणपुर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के महज आधे घंटे बाद ही छात्रा ने दम तोड़ दिया। इस देरी को ही मौत का मुख्य कारण बताया जा रहा है।

मंत्री इरफान अंसारी की सख्त कार्रवाई और आश्वासन
Jamtara घटना की जानकारी मिलते ही नारायणपुर थाना पहुंचे आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों को समझाने के लिए मंत्री इरफान अंसारी स्वयं वहां पहुँचे। उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल कई बड़े निर्णय लिए:
- निलंबन का निर्देश: मंत्री ने दोषी वार्डन पारुल मांझी और संबंधित शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया।
- जांच कमेटी का गठन: अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अनंत कुमार के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय जांच टीम बनाई गई है, जो पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपेगी।
- सहायता की घोषणा: पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, सरकारी आवास और पेंशन देने की घोषणा की गई है। साथ ही, मृतका के भाई को विभाग में रोजगार दिलाने का भरोसा दिलाया गया है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और आगे की प्रक्रिया
Jamtara थाना परिसर में हुए हंगामे के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार और जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेमबेम ने विद्यालय का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है।
अगला कदम: रविवार को छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसकी वीडियोग्राफी भी हो सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही साफ होगा कि छात्रा को क्या बीमारी थी और मौत का सटीक कारण क्या रहा। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि यदि जांच में प्रबंधन की चूक पुख्ता होती है, तो आपराधिक मामला भी दर्ज किया जाएगा।
इस दौरान मौके पर बीडीओ देवराज गुप्ता और थाना प्रभारी मुराद हसन सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे, जो स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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