Report by: Prem Srivastwa
Jamshedpur : अक्षेस (JNAC) द्वारा दुकानों के किराए में की गई अचानक वृद्धि ने शहर के हजारों छोटे-बड़े व्यापारियों को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है। जमशेदपुर ऑल मार्केट एसोसिएशन ने इस वृद्धि को ‘अमानवीय’ और ‘आर्थिक बोझ’ करार देते हुए इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के विशेष पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है।

“अमानवीय और असहनीय”: एसोसिएशन का कड़ा रुख
Jamshedpur एसोसिएशन के अध्यक्ष हरविंदर सिंह मंटू और महासचिव नसीम अंसारी के अनुसार, शहर के विभिन्न बाजारों में दुकानदार दशकों से अपनी आजीविका चला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारी हमेशा से नियमों और समय पर किराया भुगतान के पक्षधर रहे हैं, लेकिन वर्तमान वृद्धि इतनी अधिक है कि वह वहन करने योग्य नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि अचानक इस तरह किराया बढ़ाना छोटे दुकानदारों के परिवार के भरण-पोषण पर सीधा हमला है।

पूर्व के फैसलों की अनदेखी का आरोप
Jamshedpur व्यापारियों ने प्रशासन को याद दिलाया कि यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले भी जब किराया बढ़ाने की कोशिश हुई थी, तो तत्कालीन उपायुक्त ने व्यापारियों के विरोध के बाद एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया था। उस कमेटी में बाजार प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था और गहन जांच के बाद ही किराया वृद्धि पर रोक लगाई गई थी। व्यापारियों का आरोप है कि इस बार प्रशासन ने पुराने फैसलों और गठित कमेटी की सिफारिशों को दरकिनार करते हुए, बिना किसी मशविरे के एकतरफा निर्णय ले लिया है।
आर्थिक बोझ और भविष्य की रणनीति
Jamshedpur ऑल मार्केट एसोसिएशन का दावा है कि इस निर्णय से शहर के हजारों दुकानदारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ेगा, जो पहले से ही बाजार की चुनौतियों से जूझ रहे हैं। एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही किराया वृद्धि पर रोक नहीं लगाई और बाजार प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर समाधान नहीं निकाला, तो वे अपने विरोध को और तेज करेंगे।
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