Report by: Avinash Srivastwa
Sasaram : रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम में घरेलू एलपीजी गैस की कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। पिछले कई दिनों से मिल रही गुप्त शिकायतों के आधार पर बुधवार को प्रशासनिक टीम ने शहर के जक्की शहीद मोहल्ले में बड़ी छापेमारी की। इस कार्रवाई ने अवैध रूप से गैस का भंडारण करने वाले सिंडिकेट के बीच हड़कंप मचा दिया है।

एसडीएम के नेतृत्व में छापेमारी: अवैध भंडारण का भंडाफोड़
Sasaram बुधवार को सासाराम की एसडीएम नेहा कुमारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें खाद्य आपूर्ति विभाग के एमओ (Block Supply Officer) और नगर थाना पुलिस के जवान शामिल थे। टीम ने जक्की शहीद मोहल्ले में एक संदिग्ध मकान पर अचानक धावा बोला।
तलाश के दौरान घर के अंदर से 10 घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर बरामद किए गए, जिन्हें अवैध रूप से बाजार में ऊंचे दामों पर बेचने के लिए छिपाकर रखा गया था। सिलेंडरों के साथ ही पुलिस ने मौके से 19 उपभोक्ता कार्ड (गैस कार्ड) भी बरामद किए हैं। इस मामले में संलिप्तता के संदेह में दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर नगर थाने में पूछताछ की जा रही है।

प्रशासन की चेतावनी: कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
Sasaram छापेमारी के बाद स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए एसडीएम नेहा कुमारी ने स्पष्ट किया कि जिले में गैस की कोई वास्तविक किल्लत नहीं है। कुछ स्वार्थी तत्व कृत्रिम अभाव पैदा कर आम जनता को परेशान कर रहे हैं।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “घरेलू गैस की आपूर्ति पर्याप्त है और प्रत्येक उपभोक्ता को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। जो लोग सिलेंडरों का अवैध भंडारण कर कालाबाजारी में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” इस कार्रवाई के बाद से इलाके के अन्य अवैध धंधेबाजों में खलबली मची हुई है।

उपभोक्ताओं की पीड़ा: बुकिंग नंबर न लगने से बढ़ी परेशानी
Sasaram एक तरफ जहाँ प्रशासन कालाबाजारी पर नकेल कस रहा है, वहीं दूसरी ओर आम उपभोक्ताओं ने अपनी समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गैस एजेंसियों द्वारा जारी किया गया बुकिंग नंबर अक्सर काम नहीं करता है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि फोन न लगने के कारण वे समय पर सिलेंडर बुक नहीं करा पा रहे हैं, जिसका फायदा कालाबाजारी करने वाले उठाते हैं। डिजिटल बुकिंग में आ रही इन बाधाओं के कारण लोगों को काफी मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन न केवल छापेमारी करे, बल्कि गैस एजेंसियों की वितरण प्रणाली और हेल्पलाइन नंबरों की सुचारू कार्यक्षमता भी सुनिश्चित करे।
Also Read This: Sheetala Ashtami 2026: जानें पूजा का सही समय, विधि, व्रत कथा और महत्व

