NepalNepal
Spread the love

Report by: Ishu Kumar

Nepal : नेपाल के हालिया संसदीय चुनावों ने हिमालयी राष्ट्र की राजनीति में एक नए अध्याय का सूत्रपात किया है। रवि लामिछाने के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने पारंपरिक राजनीतिक दिग्गजों को पछाड़ते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। चुनावी परिणामों के रुझान दर्शाते हैं कि पार्टी दो-तिहाई बहुमत के जादुई आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गई है। इस बड़ी जीत पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्मजोशी से बधाई दी है, जिसे दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय राजनीति में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

नई दिल्ली और काठमांडू के बीच ‘विकास कूटनीति’ का संकल्प

Nepal प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से RSP की सफलता और नेपाल की लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सराहना की। उन्होंने नई सरकार के साथ शांति, समृद्धि और साझा विकास के लक्ष्यों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।

जवाब में RSP अध्यक्ष रवि लामिछाने ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सरकार “विकास कूटनीति” को प्राथमिकता देगी। लामिछाने के अनुसार, आने वाले समय में भारत और नेपाल के बीच:

  • कनेक्टिविटी: सड़क और रेल संपर्कों का विस्तार।
  • ऊर्जा सहयोग: जलविद्युत परियोजनाओं में साझेदारी।
  • सांस्कृतिक पर्यटन: दोनों देशों की साझी विरासत को बढ़ावा देना।
  • व्यापार: द्विपक्षीय व्यापारिक बाधाओं को दूर कर आर्थिक मजबूती प्रदान करना।

चुनावी आंकड़े: पुरानी पार्टियों का सूपड़ा साफ

Nepal 5 मार्च 2026 को संपन्न हुए चुनावों के नतीजे नेपाल की पुरानी राजनीतिक व्यवस्था के लिए किसी झटके से कम नहीं हैं। 275 सदस्यीय संसद (प्रतिनिधि सभा) में RSP ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है:

  • प्रत्यक्ष चुनाव (FPTP): कुल 165 सीटों में से RSP ने 124 सीटों पर जीत दर्ज की है।
  • अनुपातिक प्रतिनिधित्व (PR): पार्टी यहाँ भी करीब 60 सीटें जीतने की स्थिति में है।
  • कुल अनुमान: यदि वर्तमान रुझान जारी रहे, तो RSP के पास 185 सीटें हो सकती हैं, जो दो-तिहाई बहुमत (184 सीट) के आंकड़े को पार कर जाएगी।

इसके विपरीत, नेपाली कांग्रेस को मात्र 17 और CPN-UML को केवल 8 सीटों पर संतोष करना पड़ा है, जो नेपाल में स्थापित पारंपरिक सत्ता के अंत का संकेत है।

युवाओं की पसंद और भविष्य की राह

Nepal की राजनीति में आए इस बड़े बदलाव का मुख्य श्रेय युवाओं और बदलाव चाहने वाले मतदाताओं को जाता है। रवि लामिछाने और बालेंद्र शाह जैसे नेताओं ने जनता के बीच सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का जो विजन रखा, उसने मतदाताओं को गहराई से प्रभावित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं रवि लामिछाने और बालेंद्र शाह से फोन पर सकारात्मक चर्चा की है। इस बातचीत को दोनों देशों के बीच भविष्य के मजबूत सामरिक और आर्थिक रिश्तों की आधारशिला माना जा रहा है। नेपाल में एक स्थिर और बहुमत वाली सरकार का होना भारत के लिए भी सुरक्षा और विकास के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष: नेपाल में RSP की यह जीत न केवल एक आंतरिक राजनीतिक बदलाव है, बल्कि यह भारत-नेपाल संबंधों को “आपसी सम्मान और साझा प्रगति” के नए धरातल पर ले जाने का एक सुनहरा अवसर भी है।

Also Read This: Horoscope: 10.03.2026, शीतला सप्तमी पर इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें सभी 12 राशियों का हाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *