By: Ishu Kumar
Rishikesh : हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मोतीचूर फ्लाईओवर सोमवार को एक भयानक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। यहाँ एक के बाद एक चार वाहनों की आपस में हुई भीषण टक्कर ने न केवल यातायात व्यवस्था को ठप कर दिया, बल्कि दो परिवारों की खुशियाँ भी छीन लीं। इस बहु-वाहन दुर्घटना में एक बस, ट्रैक्टर-ट्राली, ट्रक और कार की आपस में भिड़ंत हो गई, जिसके बाद तीन वाहनों में देखते ही देखते भीषण आग लग गई। इस ह्रदयविदारक घटना में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 9 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
रफ्तार और लापरवाही का तांडव: बस यात्रियों की बाल-बाल बची जान
Rishikesh हादसा उस वक्त हुआ जब फ्लाईओवर के ऊपर वाहनों की रफ्तार तेज थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस और अन्य वाहनों में तुरंत आग भड़क उठी। बस में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई, लेकिन गनीमत रही कि आग की लपटें विकराल रूप लेतीं, उससे पहले ही यात्रियों ने सूझबूझ दिखाते हुए खिड़कियों और दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाई।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। दमकल कर्मियों को आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब 1 घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। चश्मदीदों के अनुसार, मंजर इतना डरावना था कि फ्लाईओवर के ऊपर से उठते काले धुएं के गुबार मील दूर से देखे जा सकते थे।
हादसे की असली वजह: ट्रैक्टर-ट्राली की धीमी गति और श्रृंखला प्रतिक्रिया
Rishikesh पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस भीषण दुर्घटना की मुख्य वजह ट्रैक्टर-ट्राली की धीमी गति और पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस का संतुलन बिगड़ना था। देहरादून की ओर से आ रहे वाहन फ्लाईओवर पर चढ़ रहे थे, तभी बस ने ट्रैक्टर-ट्राली को पीछे से टक्कर मार दी।
इस टक्कर के कारण पीछे से आ रहे ट्रक और कार भी अनियंत्रित होकर एक-दूसरे में जा घुसे। वाहनों के ईंधन टैंक फटने के कारण घर्षण से निकली चिंगारी ने आग पकड़ ली। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी (Safe Distance) होती, तो शायद इस श्रृंखला प्रतिक्रिया (Chain Reaction) को टाला जा सकता था।
राहत कार्य और घायलों की स्थिति: प्रशासन ने संभाला मोर्चा
Rishikesh इस भीषण सड़क हादसे में घायल हुए 9 व्यक्तियों को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से हरिद्वार के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने दुर्घटनास्थल से शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
हादसे के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था। पुलिस प्रशासन ने क्रेन की मदद से जले हुए वाहनों को सड़क से हटाकर करीब दो घंटे बाद हाईवे को सुचारू रूप से संचालित कराया। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि दोष तय किया जा सके।
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