Report by: Imtiaz Ansari
Madhupur : स्थित आवासीय कार्यालय परिसर में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ राज्य के जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए 4.24 करोड़ रुपये की लागत वाली 24 विभिन्न परियोजनाओं का विधिवत शिलान्यास किया। ये योजनाएं जिला परिषद की ‘अनाबद्ध निधि’ (Unbound Fund) के तहत स्वीकृत की गई हैं।
पांच प्रखंडों को मिलेगा सीधा लाभ: कनेक्टिविटी पर जोर
Madhupur मंत्री द्वारा शुरू की गई ये 24 विकास योजनाएं केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मधुपुर विधानसभा के विभिन्न भौगोलिक हिस्सों को कवर करती हैं। इनका लाभ मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रखंडों को मिलेगा:
- करौं और मधुपुर प्रखंड
- देवीपुर और देवघर प्रखंड
- मारगोमुंडा प्रखंड
इन क्षेत्रों में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की मांग की जा रही थी। अब इन योजनाओं के माध्यम से सुदूर गांवों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ने और जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रयास किया गया है।
गार्डवाल से लेकर छठ घाट तक: जनसुविधाओं का विस्तार
Madhupur शिलान्यास की गई योजनाओं की सूची में केवल सड़क निर्माण ही शामिल नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है। इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- पीसीसी सड़क निर्माण: गांवों के अंदरूनी रास्तों को पक्का करना ताकि मानसून में परेशानी न हो।
- गार्डवाल और नाला निर्माण: जलजमाव की समस्या को दूर करने और मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम।
- छठ घाटों का जीर्णोद्धार: स्थानीय समुदायों की धार्मिक भावनाओं और सुविधाओं को देखते हुए जलाशयों के किनारे पक्के घाटों का निर्माण।
इन कार्यों के संपन्न होने से मधुपुर की आधारभूत संरचना (Infrastructure) को मजबूती मिलेगी, जिससे स्थानीय परिवहन और स्वच्छता में सुधार होगा।
गुणवत्ता पर सख्त रुख: लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
Madhupur समारोह के दौरान मंत्री हफीजुल हसन ने अभियंताओं और ठेकेदारों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विकास के लिए धन की कमी नहीं होने देगी, लेकिन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कनीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि प्रत्येक योजना का क्रियान्वयन सरकारी प्राक्कलन (Estimate) के अनुरूप ही होना चाहिए। मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि जांच में सामग्री की गुणवत्ता या कार्यशैली में कोई कमी पाई गई, तो संबंधित संवेदक (ठेकेदार) और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
शिलान्यास के इस अवसर पर जिला परिषद के कनीय अभियंता राजेश कुमार दीपक सहित क्षेत्र के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने इन योजनाओं को क्षेत्र की प्रगति के लिए मील का पत्थर बताया।
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