By: Yogendra Singh
Sheikhpura : जिले में होलिका दहन का पर्व पूरे उत्साह और पारंपरिक विधि-विधान के साथ मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। होली से एक दिन पूर्व बच्चों और स्थानीय निवासियों ने मिलकर लकड़ी, उपले और अन्य आवश्यक सामग्री एकत्रित की। इसके बाद निर्धारित शुभ मुहूर्त में विधिवत पूजा-अर्चना कर होलिका दहन किया गया।
होलिका दहन के समय लोगों ने सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। महिलाओं ने पारंपरिक रीति से पूजा कर परिवार की मंगलकामना की, वहीं बच्चों में भी इस पर्व को लेकर खासा उत्साह नजर आया।
लोकगीतों की गूंज से सराबोर हुआ माहौल
Sheikhpura होलिका दहन के दौरान वातावरण पूरी तरह से पारंपरिक होली गीतों की गूंज से भर उठा। स्थानीय कलाकारों और ग्रामीणों ने ढोल और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर फाग गीत गाए। कई स्थानों पर लोगों ने सामूहिक रूप से होली के लोकगीत प्रस्तुत किए, जिससे माहौल और भी रंगीन हो गया।
युवा वर्ग भी पीछे नहीं रहा। उन्होंने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। शहर के विभिन्न मोहल्लों और गांवों में लोग एक-दूसरे से मिलकर आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देते नजर आए।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
Sheikhpura पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। जिले के विभिन्न चौक-चौराहों सहित कुल 117 स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही थी ताकि हुड़दंग या किसी तरह की अशांति न फैल सके। अधिकारियों ने लोगों से शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से पर्व मनाने की अपील भी की। प्रशासनिक सतर्कता के चलते कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
इस तरह शेखपुरा में होलिका दहन का पर्व आस्था, परंपरा और भाईचारे के साथ मनाया गया, जिसने पूरे जिले को उत्सव के रंग में रंग दिया।
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