टी-20 मैचों के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन, पुलिस ने जब्त किए मोबाइल और नकदी
By: Yogendra Singh
Jabalpur : मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में क्रिकेट सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रांझी थाना पुलिस ने टी-20 वर्ल्ड कप मैचों के दौरान सक्रिय एक सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई मेमोरो तिराहा के पास की गई, जहां एक संदिग्ध कार में बैठकर दांव खिलाए जा रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी कर कार क्रमांक MP 20 ZG 0030 से अनमोल पटारिया उर्फ बीसू और कृष्णा नामदेव को हिरासत में लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार महंगे मोबाइल फोन, 20,350 रुपये नकद राशि और सट्टे से संबंधित हिसाब-किताब की सामग्री जब्त की है। साथ ही सट्टेबाजी में इस्तेमाल की जा रही कार भी जब्त कर ली गई है।

मोबाइल ऐप्स के माध्यम से चल रहा था नेटवर्क
Jabalpur प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सट्टा संचालित कर रहे थे। वे ‘क्रिकेट गुरु’ और ‘थर्ड आई’ जैसे मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए अंतरराष्ट्रीय मैचों पर दांव लगवा रहे थे। हाल ही में खेले जा रहे श्रीलंका बनाम न्यूजीलैंड मुकाबले पर बड़े पैमाने पर सट्टा लगाया जा रहा था।
आरोपी अपने ग्राहकों को लाइव मैच के दौरान भाव बताकर ऑनलाइन रकम स्वीकार करते थे। भुगतान और लेन-देन डिजिटल माध्यमों से भी किया जा रहा था, जिससे सट्टा गतिविधि को छुपाने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस अब मोबाइल डेटा और चैट रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि नेटवर्क की पूरी जानकारी सामने आ सके।
मास्टर आईडी से चल रहा था पूरा सिंडिकेट
Jabalpur पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी अनमोल पटारिया ने खुलासा किया कि वह दिलीप खत्री और संजय खत्री नामक व्यक्तियों से ‘मास्टर आईडी’ लेकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। उसके अधीन कई एजेंट काम कर रहे थे, जिनमें अंकुश शिवहरे, विशाल सराफ, राहुल ललवानी, अंकित सोनकर और विवेक गुप्ता शामिल हैं।
ये एजेंट आगे अपने-अपने स्तर पर आईडी और पासवर्ड वितरित कर खिलाड़ियों से सट्टा लगवाते थे। इस तरह संगठित तरीके से एक बड़ा ऑनलाइन सट्टा गिरोह सक्रिय था। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क का दायरा शहर से बाहर तक फैला हो सकता है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
Jabalpur पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सट्टा एक्ट की धारा 4(क) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी और उनकी टीम ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।
फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है। साथ ही जब्त मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि इस अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचा जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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