MP Railway Evolution : भोपाल से सिंगरौली तक सप्ताह में सातों दिन सीधी ट्रेन सेवा शुरू
By: Yogendra Singh
भोपाल: मध्यप्रदेश में रेल विकास की रफ्तार तेजी पकड़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश को निरंतर नई रेल सेवाओं और सुविधाओं की सौगात मिल रही है। इस कड़ी में भोपाल से ऊर्जा राजधानी सिंगरौली तक सप्ताह में सातों दिन सीधी रेल सुविधा शुरू हो रही है। यह सुविधा न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पड़ोसी राज्यों के यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार की शाम भोपाल रेलवे स्टेशन से भोपाल-धनबाद-चौपन एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन सीधी-सिंगरौली, तीन दिन धनबाद और एक दिन चौपन तक चलेगी। ट्रेन का मार्ग बीना-सागर-मुड़वारा होकर होगा।
प्रदेश में रेल लाइन दोहरीकरण और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार
MP Railway Evolution मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने जबलपुर-गोंदिया रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दी है। इससे महाकौशल क्षेत्र का आर्थिक और पर्यटनिक महत्व बढ़ेगा। इसके अलावा, इंदौर-मनमाड रेल लाइन और सिंहस्थ के अवसर पर कई अन्य रेल सुविधाएं प्रदेश को मिल चुकी हैं।
मध्यप्रदेश में वंदे भारत और मेट्रो ट्रेन की स्पीड बढ़ाई जा रही है। छह अमृत भारत स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। 80 स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है, जिसमें करीब पौने तीन हजार करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक सुविधाएं यात्रियों को उपलब्ध कराई जाएंगी।
फ्रेट कॉरिडोर और बड़े रेल प्रोजेक्टों से बढ़ेगा विकास
MP Railway Evolution केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि दानकुनी-सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर 2,000 किलोमीटर लंबा होगा, जो पश्चिम बंगाल से गुजरात तक जाएगा। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के उद्योगों को निर्यात-आयात में लाभ मिलेगा और मालगाड़ियों की गति भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई रेल सेवाओं से पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों में नई गति आएगी। भोपाल-सिंगरौली सीधी ट्रेन सुविधा से क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा और त्रि-साप्ताहिक तथा साप्ताहिक रूट 30 और 15 प्रमुख स्टेशनों को जोड़कर यात्रियों और व्यापारियों को लाभ पहुंचाएगी।
इस अवसर पर भोपाल के सांसद आलोक शर्मा, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राज्य मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। रेलवे मंडल प्रबंधक पंकज त्यागी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
मध्यप्रदेश में रेल परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 48,000 करोड़ रुपए है, जो प्रदेश की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति में अहम योगदान देगी।
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