Headache : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सिरदर्द एक आम समस्या बन चुकी है, लेकिन इसे साधारण दर्द समझकर अनदेखा करना सही नहीं है। कई बार यही दर्द किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। खासतौर पर माइग्रेन, जो एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, इसमें सिर के एक हिस्से में तेज धड़कन जैसा दर्द होता है और यह घंटों या कई दिनों तक बना रह सकता है। बदलते मौसम, तनाव, नींद की कमी और अनियमित जीवनशैली इसके प्रमुख कारण हैं।
सिरदर्द के प्रकार और उनकी पहचान
Headache सिरदर्द कई तरह का होता है और हर प्रकार की वजह अलग हो सकती है।
- माइग्रेन – सिर के एक हिस्से में धड़कन जैसा तेज दर्द, उल्टी या रोशनी से परेशानी।
- टेंशन हेडेक – सिर के चारों ओर कसाव या दबाव महसूस होना।
- साइनस हेडेक – माथे और गालों में भारीपन व दबाव।
- क्लस्टर हेडेक – आंखों के पीछे अचानक तीव्र दर्द।
- हाई बीपी या सर्वाइकल से जुड़ा दर्द – गर्दन और सिर में लगातार दर्द।
विशेषज्ञों के अनुसार, महानगरों में बड़ी संख्या में लोग माइग्रेन और टेंशन हेडेक से जूझ रहे हैं। महिलाओं में माइग्रेन की समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक देखी जाती है। इसलिए बार-बार होने वाले दर्द को केवल पेनकिलर से दबाने के बजाय उसकी असली वजह जानना जरूरी है।
सिरदर्द के प्रमुख कारण
Headache सिरदर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे:
- पर्याप्त नींद न लेना
- शरीर में पानी की कमी
- लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन देखना
- पाचन संबंधी समस्या
- पोषण की कमी
- हार्मोनल बदलाव
- तनाव और मानसिक दबाव
- कमजोर नर्वस सिस्टम
अगर इन कारणों को समय रहते नियंत्रित कर लिया जाए, तो सिरदर्द की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
राहत पाने के घरेलू और योग उपाय
Headache सिरदर्द से राहत के लिए कुछ सरल उपाय अपनाए जा सकते हैं:
प्राणायाम और ध्यान: भ्रामरी प्राणायाम और अनुलोम-विलोम नर्वस सिस्टम को शांत करते हैं और दिमाग तक ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर बनाते हैं। रोजाना कुछ मिनट ध्यान लगाने से भी तनाव कम होता है।
खानपान में सुधार: अंकुरित अनाज, हरी सब्जियां और लौकी जैसे हल्के आहार को शामिल करें। शरीर में गैस और एसिडिटी को नियंत्रित रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
घरेलू नुस्खे
- नारियल तेल में लौंग का तेल मिलाकर सिर की हल्की मालिश करें।
- दूध में बादाम रोगन मिलाकर पीना लाभकारी हो सकता है।
- बादाम और अखरोट का सेवन दिमाग को पोषण देता है।
इसके अलावा आंखों को आराम देना, गर्दन और कंधों की मालिश कराना तथा स्क्रीन टाइम कम करना भी जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या या उपचार शुरू करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
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