By: Ravindra Sikarwar
Orrisa news: ढेंकनाल जिले में एक बड़ी दुर्घटना सामने आई है, जब गोपालपुर गांव के पास स्थित एक अवैध पत्थर खदान में ड्रिलिंग के दौरान चट्टान का बड़ा हिस्सा गिर पड़ा। इस हादसे में दो मजदूरों की जान चली गई और कई अन्य मजदूरों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के वक्त खदान में मजदूर पत्थर निकालने के लिए ड्रिलिंग कर रहे थे। अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया, जिससे मलबा तेज आवाज के साथ नीचे गिरा और काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए।
मौके पर राहत और बचाव कार्य
हादसे के बाद, आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत मदद के लिए प्रशासन को सूचना दी और राहत कार्य में भाग लिया। प्रशासन ने भी तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें फायर सर्विस, ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF), डॉग स्क्वाड और भारी मशीनों को मौके पर भेजा गया। रेस्क्यू ऑपरेशन रविवार सुबह 7 बजे शुरू हुआ, और यह अभियान पूरे दिन जारी रहा। अधिकारियों के अनुसार मलबा बहुत भारी था, जिससे बचाव कार्य में समय लग रहा था।
कलेक्टर का बयान और मृतकों की पहचान
ढेंकनाल के कलेक्टर आशीष ईश्वर पाटिल ने बताया कि अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं। मृतकों में से एक मजदूर बालासोर का था, जबकि दूसरे की पहचान मयूरभंज या क्योंझर जिले से की जा रही है। मृतकों की पूरी पहचान अभी भी पुष्टि की जा रही है।
खनन पट्टा समाप्त होने के बावजूद कार्य जारी था
इस हादसे से जुड़ी एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। खनन कार्यालय के अनुसार, इस खदान का पट्टा सितंबर 2025 में ही समाप्त हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद खदान में खनन कार्य जारी था। इसके अलावा, खदान में विस्फोट या ड्रिलिंग की अनुमति भी नहीं थी, फिर भी यह गतिविधि चल रही थी। 8 सितंबर 2025 को जिला खनन कार्यालय ने पट्टाधारक को खदान बंद करने का नोटिस जारी किया था, लेकिन आदेशों की अनदेखी की गई।
निष्कर्ष
यह हादसा खनन सुरक्षा की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है, और प्रशासन से ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर देता है। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि खनन कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी से कितनी बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
