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by-Ravindra Sikarwar

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सोमवार शाम को हुए भयावह कार बम विस्फोट के तीन दिन बाद, पुलिस ने विस्फोट स्थल से महज कुछ मीटर दूर एक दुकान की छत पर कटी हुई एक हाथ की खोज की है। यह खोज जांच एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकती है, जो अब इस आतंकी घटना के पीछे की साजिश को और गहराई से उजागर करने की कोशिश कर रही हैं। विस्फोट में 13 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने इस अवशेष को तुरंत कब्जे में ले लिया है और डीएनए परीक्षण के लिए भेज दिया गया है, ताकि इसका संबंध किसी लापता व्यक्ति या पीड़ित से जोड़ा जा सके।

विस्फोट की घटना का पुनरावलोकन:
10 नवंबर 2025 को शाम करीब 6:52 बजे, रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक धीमी गति से चल रही ह्युंडई i20 कार अचानक रुक गई। अगले ही पल, उसमें छिपे उच्च गुणवत्ता वाले विस्फोटकों ने जोरदार धमाका कर दिया। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास की कई गाड़ियां आग की लपटों में घिर गईं, इमारतों की खिड़कियां टूट गईं और हवा में धमाके की गूंज फैल गई। घटनास्थल पर तुरंत ही शवों के टुकड़े बिखर गए, जिनमें हाथ-पैर जैसे अंग शामिल थे।

आंखों देखा हाल बयां करने वाले एक स्थानीय निवासी ने बताया, “हम जब मौके पर पहुंचे, तो सड़क पर शरीर के टुकड़े बिखरे पड़े थे। किसी का कटा हुआ हाथ देखकर हम स्तब्ध रह गए। यह दृश्य इतना भयानक था कि शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।” एक ऑटो चालक जीशान, जो खुद विस्फोट में घायल हुए, ने कहा कि कार उनके वाहन से महज दो फीट दूर थी जब वह आग पकड़ ली। विस्फोट के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड को 6:55 बजे कॉल मिली, जिसमें लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास गौरी शंकर मंदिर के निकट विस्फोट और वाहन में आग लगने की सूचना दी गई।

कटी हुई हाथ की खोज के विवरण:
गुरुवार सुबह, पुलिस को न्यू लाजपत राय मार्केट में एक दुकान की छत पर संदिग्ध अवशेष मिलने की सूचना मिली। यह स्थान विस्फोट स्थल से लगभग 300 मीटर दूर है, जो जैन मंदिर के पीछे स्थित है। एक 12 सेकंड का वीडियो वायरल हो गया, जिसमें कटे हुए हाथ (कलाई तक का हिस्सा) को साफ दिखाया गया है। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर क्षेत्र को घेराबंदी कर लिया। अवशेष को सावधानीपूर्वक एकत्र किया गया और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) को भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह हाथ विस्फोट के झटके से उछलकर दूर जा गिरा हो सकता है या फिर किसी ऐसे व्यक्ति का हो सकता है जो धमाके के समय निकट ही मौजूद था। जांचकर्ता यह भी देख रहे हैं कि क्या यह अवशेष किसी लापता पीड़ित से जुड़ा है। एफएसएल ने घटनास्थल से 40 से अधिक नमूने एकत्र किए हैं, जिनमें लाइव गोली, कारतूस और विस्फोटक अवशेष शामिल हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में एक नमूने को अमोनियम नाइट्रेट से भी अधिक शक्तिशाली बताया गया है, जो विस्फोट की तीव्रता को समझाने में मदद करता है।

मौतों और चोटों का आंकड़ा:
इस विस्फोट ने अब तक 13 लोगों की जान ले ली है। गुरुवार को एलएनजेपी अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे 35 वर्षीय बिलाल हसन ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या 13 हो गई। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि पीड़ितों को गंभीर आंतरिक चोटें आईं, जैसे फेफड़ों का फटना, कान के परदे का क्षतिग्रस्त होना, आंतों में क्षति और कई जगह हड्डियों के टूटने। कई मौतें अत्यधिक रक्तस्राव और धमाके के झटके से हुईं। वर्तमान में तीन अन्य व्यक्ति आईसीयू में गंभीर हालत में भर्ती हैं, जबकि 20 से अधिक लोग चोटों का इलाज करा रहे हैं।

जांच में नया मोड़: आरोपी की पहचान और साजिश
दिल्ली पुलिस ने डीएनए परीक्षण के जरिए पुष्टि की है कि कार को चलाने वाला डॉक्टर उमर उन नबी था। उनके जैविक नमूने को उनकी मां के डीएनए से मिलान किया गया। विस्फोट के बाद कार के स्टीयरिंग व्हील और एक्सीलरेटर के बीच फंसी उनकी टांग मिली थी, जो इंगित करती है कि वे ही वाहन चला रहे थे। उमर एक पढ़े-लिखे चिकित्सक थे, लेकिन पिछले दो वर्षों में सोशल मीडिया पर कट्टरवादी संदेश समूहों से जुड़ गए थे।

पुलिस ने एक प्रोफेसर और कार्डियोलॉजी छात्र को गिरफ्तार किया है, जो इस साजिश में शामिल थे। पूछताछ से खुलासा हुआ कि चार अन्य शहरों में इसी तरह के हमले की योजना बनाई जा रही थी। संदिग्धों ने 26 लाख रुपये इकट्ठा किए थे, जिनसे गुड़गांव, नूह और आसपास के क्षेत्रों से 26 क्विंटल एनपीके उर्वरक (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम) खरीदा गया, जो विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल हुआ। सुरक्षा एजेंसियों ने एक लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट और मारुति ब्रेजा कार भी जब्त की हैं, जो संभावित अन्य हमलों के लिए तैयार की गई थीं।

आधिकारिक प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय:
घटना के बाद केंद्र और राज्य सरकारें अलर्ट पर हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने जिम्मेदारी तय करने की मांग के बीच सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेरा ने सवाल उठाया कि क्या गृह मंत्री खुद जिम्मेदारी लेंगे, क्योंकि हाल के वर्षों में कई बड़े आतंकी हमले हो चुके हैं। पुलिस ने चांदनी चौक और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस खोज से पीड़ितों की पहचान आसान हो जाएगी और साजिश के अन्य सदस्यों तक पहुंच बन सकेगी। दिल्ली पुलिस ने जनता से अपील की है कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना दें। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन या पुलिस स्टेशन से संपर्क करें। यह घटना न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश को झकझोर गई है, और जांच एजेंसियां पूरे जोर-शोर से काम कर रही हैं ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।

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