by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGIA) जल्द ही विश्व के सबसे व्यस्त और आधुनिक एयरपोर्ट्स में शुमार होने जा रहा है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने मास्टर प्लान 2040 के तहत एक भव्य विस्तार परियोजना की घोषणा की है, जिसके जरिए हवाई अड्डे की वार्षिक यात्री क्षमता मौजूदा 10 करोड़ से बढ़ाकर 13 करोड़ तक पहुंचाई जाएगी। यह योजना न केवल यात्रियों की बढ़ती संख्या को समायोजित करेगी, बल्कि दिल्ली को दक्षिण एशिया का प्रमुख एविएशन हब बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। परियोजना में नए रनवे, अतिरिक्त टर्मिनल, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और स्मार्ट तकनीकों का समावेश होगा, जिससे यात्रा अनुभव में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
वर्तमान स्थिति और जरूरत का आकलन:
वर्तमान में दिल्ली एयरपोर्ट तीन टर्मिनलों (T1, T2 और T3) के साथ संचालित हो रहा है, जिनकी संयुक्त क्षमता लगभग 10 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष है। कोविड महामारी के बाद हवाई यात्रा में जबरदस्त उछाल आया है। 2024-25 में ही एयरपोर्ट ने 7.5 करोड़ से अधिक यात्रियों को हैंडल किया, जो इसकी सीमा के करीब पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बढ़ती संख्या, घरेलू कनेक्टिविटी और माल ढुलाई (कार्गो) में वृद्धि ने विस्तार को अनिवार्य बना दिया है। DIAL के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा, “दिल्ली एयरपोर्ट भारत की आर्थिक राजधानी का प्रवेश द्वार है। 2040 तक यात्री यातायात दोगुना होने की संभावना है, इसलिए हमें अभी से तैयारी करनी होगी।”
मास्टर प्लान 2040: प्रमुख विशेषताएं और चरणबद्ध विकास
DIAL द्वारा तैयार किया गया मास्टर प्लान तीन चरणों में पूरा होगा, जिसकी कुल लागत अनुमानित 35,000 करोड़ रुपये है। योजना को नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की मंजूरी मिल चुकी है। मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- नया चौथा रनवे और पैरेलल टैक्सीवे: वर्तमान तीन रनवेज की तुलना में चौथा रनवे बनाया जाएगा, जो प्रति घंटे 120 से अधिक उड़ानों को संभालने में सक्षम होगा। इससे पीक ऑवर्स में देरी की समस्या समाप्त हो जाएगी। रनवे की लंबाई 4,400 मीटर होगी, जो एयरबस A380 जैसे बड़े विमानों के लिए उपयुक्त होगी।
- टर्मिनल विस्तार और नया T4:
- टर्मिनल 1 का पूर्ण नवीनीकरण कर इसे घरेलू कम लागत वाली एयरलाइंस (LCC) के लिए समर्पित किया जाएगा।
- टर्मिनल 2 को अंतरराष्ट्रीय बजट उड़ानों के लिए अपग्रेड किया जाएगा।
- एक नया अत्याधुनिक टर्मिनल 4 (T4) बनाया जाएगा, जो 3 करोड़ यात्रियों की अतिरिक्त क्षमता प्रदान करेगा। इसमें 100 से अधिक चेक-इन काउंटर, 50 सेल्फ बैगेज ड्रॉप मशीनें और बायोमेट्रिक बोर्डिंग सिस्टम होगा।
- मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी:
- दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन को T4 तक विस्तारित किया जाएगा।
- रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और प्रस्तावित दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी।
- बस टर्मिनल और प्री-पेड टैक्सी ज़ोन का विस्तार।
- कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब: 50 लाख टन वार्षिक कार्गो क्षमता के साथ नया डेडिकेटेड कार्गो टर्मिनल। कोल्ड चेन, ई-कॉमर्स और फार्मा उत्पादों के लिए विशेष सुविधाएं।
- स्मार्ट और सस्टेनेबल फीचर्स:
- 100% सौर ऊर्जा संचालन (नेट जीरो कार्बन लक्ष्य 2030 तक)।
- AI आधारित यात्री प्रबंधन, रोबोटिक सहायता और फेशियल रिकग्निशन।
- वर्षा जल संचयन, वेस्ट रिसाइक्लिंग और ग्रीन बिल्डिंग डिजाइन।
समयसीमा और चरणबद्ध कार्यान्वयन:
- चरण 1 (2025-2028): चौथा रनवे, T1 का नवीनीकरण, मेट्रो विस्तार। क्षमता: 11 करोड़ यात्री।
- चरण 2 (2028-2035): T4 का निर्माण, कार्गो टर्मिनल, RRTS कनेक्शन। क्षमता: 12.5 करोड़।
- चरण 3 (2035-2040): पूर्ण एकीकरण, अतिरिक्त पार्किंग और होटल परिसर। अंतिम क्षमता: 13 करोड़।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव:
यह परियोजना 2 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेगी। दिल्ली-NCR की अर्थव्यवस्था में सालाना 5-7% की वृद्धि का अनुमान है। पर्यटन, व्यापार और निवेश में बढ़ोतरी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली एयरपोर्ट सिंगापुर चांगी और दुबई इंटरनेशनल जैसे वैश्विक हब्स को टक्कर देगा।
चुनौतियां और समाधान:
- जमीन अधिग्रहण: आसपास के क्षेत्रों में 500 एकड़ अतिरिक्त भूमि की जरूरत। DIAL ने स्थानीय निवासियों के लिए पुनर्वास पैकेज और रोजगार गारंटी की घोषणा की है।
- पर्यावरण मंजूरी: हरित क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और नॉइज़ कंट्रोल उपाय।
- वित्त पोषण: PPP मॉडल के तहत निजी निवेश, सरकारी अनुदान और बॉन्ड जारी करना।
सरकार और DIAL का संकल्प:
केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित किया है। नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “दिल्ली एयरपोर्ट भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षा का प्रतीक बनेगा। हम इसे 2047 तक विश्व का नंबर-1 एयरपोर्ट बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” DIAL ने सभी हितधारकों के साथ नियमित परामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एक नया युग की शुरुआत:
दिल्ली एयरपोर्ट का यह विस्तार केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता और वैश्विक कनेक्टिविटी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। 13 करोड़ यात्रियों की क्षमता के साथ यह न केवल यात्री सुविधाओं में क्रांति लाएगा, बल्कि अर्थव्यवस्था, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण के नए मानक भी स्थापित करेगा। जैसे-जैसे परियोजना आगे बढ़ेगी, दिल्ली विश्व मानचित्र पर एक चमकते सितारे के रूप में उभरेगी।
