झाड़ियों में मिला क्षत-विक्षत शव, ग्रामीणों ने बाघ के हमले का जताया संदेह; वन विभाग ने जांच की बात कही
बहराइच। जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की ककरहा रेंज क्षेत्र में जंगली जानवर के हमले से एक ग्रामीण की मौत का मामला सामने आया है। घटना महबूब नगर गांव की है, जहां घर के बरामदे में सो रहे 30 वर्षीय राम सिंह पर देर रात जंगली जानवर ने हमला कर दिया। घटना के बाद गांव में दहशत के साथ ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली।
चारपाई से खींचकर झाड़ियों में ले जाने का दावा
परिजनों के मुताबिक, राम सिंह रात में घर के बरामदे में चारपाई पर सो रहे थे। इसी दौरान किसी जंगली जानवर ने उन पर हमला किया और उन्हें चारपाई से खींचकर घर के पीछे मौजूद झाड़ियों की ओर ले गया।
सुबह जब परिवार के लोगों को राम सिंह के गायब होने की जानकारी हुई तो उन्होंने ग्रामीणों के साथ आसपास तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों में राम सिंह का शव बरामद हुआ। शव की स्थिति देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
मौके पर पहुंचे पुलिस और वन विभाग के अधिकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद मोतीपुर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों को घर के आंगन में जंगली जानवर के पदचिह्न भी मिले हैं।
बताया गया है कि जिस स्थान पर घटना हुई, वह जंगल से करीब 600 मीटर की दूरी पर है। इससे पहले मृतक के भाई पेशकार पर भी खेत में तेंदुए द्वारा हमला किए जाने की बात सामने आई थी।
ग्रामीणों ने बाघ के हमले का जताया संदेह
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के क्षेत्र में लंबे समय से बाघ की गतिविधियां देखी जा रही हैं। उनका आरोप है कि वन विभाग की ओर से पर्याप्त गश्त और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
वन विभाग की ओर से तेंदुए की आशंका जताए जाने पर ग्रामीणों ने इससे असहमति जताई। ग्रामीणों का दावा है कि राम सिंह पर हमला बाघ ने किया है। उन्होंने हमलावर जानवर को पकड़ने, गांव के पास पिंजरा लगाने, गश्त बढ़ाने और कतर्नियाघाट के डीएफओ को मौके पर बुलाने की मांग की।
वन विभाग ने मुआवजे और सुरक्षा उपायों का दिया भरोसा
कतर्नियाघाट के डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने घटना को दुखद बताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नियमानुसार मिलने वाला मुआवजा मृतक के परिजनों को उपलब्ध कराया जाएगा।
डीएफओ के मुताबिक, क्षेत्र में पहले भी एक तेंदुए को पकड़ा जा चुका है और लगातार पिंजरे लगाए जा रहे हैं। बरसात के दौरान कई बार जंगली जानवर जंगल से बाहर निकल आते हैं, जिसके चलते मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सामने आती हैं।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। घटनास्थल के आसपास पिंजरा लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और वन विभाग की टीम को क्षेत्र में तैनात किया गया है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी हमलावर जानवर की पहचान
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि राम सिंह पर हमला किस जंगली जानवर ने किया। वन विभाग के अनुसार घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही हमलावर जानवर की प्रजाति की पुष्टि की जा सकेगी।
घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है और क्षेत्र में वन विभाग की निगरानी बढ़ाने की मांग लगातार की जा रही है।
