सिरोंज। मध्यप्रदेश के सिरोंज से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा का अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है। नया बस स्टैंड पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की और उन्हें अपनी सीमाओं में रहकर काम करने की नसीहत दी।
एंकर— अधिकारियों को लेकर विधायक उमाकांत शर्मा की नाराजगी अब सार्वजनिक तौर पर सामने आई है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को जनप्रतिनिधियों की भूमिका में आने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उनका यह बयान सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
‘अधिकारी खुद नेता बनने की कोशिश न करें’
सिरोंज के नया बस स्टैंड पर कार्यक्रम के दौरान विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों का काम प्रशासनिक व्यवस्था को संभालना और नियमों के तहत जनता की सेवा करना है। उन्होंने अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें खुद नेता बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
विधायक के इस बयान को अधिकारियों के प्रति उनकी नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की अपनी जिम्मेदारी है और प्रशासनिक अधिकारियों की अपनी भूमिका। दोनों के बीच जिम्मेदारियों की सीमा स्पष्ट रहनी चाहिए।
बयान के बाद चर्चा तेज
भाजपा विधायक का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब प्रदेश में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताए जाने की चर्चाएं होती रही हैं। उमाकांत शर्मा के बयान ने इस मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
सिरोंज विधायक ने कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर अपनी बात खुलकर रखी। उनका बयान अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
