Ujjain Khade Hanuman Temple DisputeUjjain Khade Hanuman Temple Dispute
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Ujjain Khade Hanuman Temple Dispute;उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को लेकर चल रहा विवाद अब नए चरण में पहुंच गया है। श्रद्धालुओं और विभिन्न धार्मिक संगठनों के लगातार विरोध के बाद जिला प्रशासन ने साफ किया है कि लोगों की आस्था और भावनाओं को ध्यान में रखे बिना प्रतिमा को हटाने या दूसरी जगह स्थानांतरित करने का कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।

प्रशासन की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि इस मामले में सभी संबंधित पक्षों की भावनाओं और धार्मिक आस्था का सम्मान किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों और विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर सर्वसम्मति से समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Ujjain Khade Hanuman Temple Dispute;बुधवार को खड़े हनुमान मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें दिखाई दीं। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद सहित कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया।

श्रद्धालुओं ने प्रतिमा को उसके मौजूदा स्थान पर ही बनाए रखने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान लगातार हनुमान जी के जयकारे भी लगाए गए। लोगों का कहना था कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस स्थान को हटाने के बजाय विकास कार्यों के लिए कोई दूसरा समाधान तलाशा जाना चाहिए।

महामंडलेश्वर अतुलेशानंद महाराज भी पहुंचे

Ujjain Khade Hanuman Temple Dispute;आह्वान अखाड़े के महामंडलेश्वर अतुलेशानंद महाराज भी अपने समर्थकों और गुरुकुल के विद्यार्थियों के साथ मंदिर पहुंचे। छात्रों ने प्रतिमा के सामने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया।

महामंडलेश्वर ने दावा किया कि खड़े हनुमान करीब 200 वर्षों से इसी स्थान पर विराजमान हैं और उन्हें यहां से नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रतिमा को स्थानांतरित करने की कोशिशों का विरोध करते हुए इसे यथास्थान रखने की मांग की।

कांग्रेस विधायकों ने भी किया विरोध

Ujjain Khade Hanuman Temple Dispute;इस विवाद में कांग्रेस के विधायक महेश परमार और दिनेश जैन भी अपने समर्थकों के साथ मंदिर पहुंचे। दोनों नेताओं के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और प्रतिमा को नहीं हटाने की मांग उठाई।

महेश परमार ने कहा कि प्रशासन को जनता की धार्मिक भावनाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। वहीं दिनेश जैन ने प्रतिमा को स्थानांतरित करने की कोशिशों पर सवाल उठाते हुए सरकार और प्रशासन से कार्रवाई का उद्देश्य स्पष्ट करने की मांग की।

सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों से जुड़ा है मामला

Ujjain Khade Hanuman Temple Dispute;दरअसल, उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए कई विकास और सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं पर काम चल रहा है। खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा कंठाल चौराहा और छत्रीचौक मार्ग के चौड़ीकरण की योजना के दायरे में बताई जा रही है।

इसी क्रम में प्रतिमा को स्थानांतरित करने की कोशिश की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम की टीम ने रात में प्रतिमा को शिफ्ट करने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। इसके बाद पुरातत्व विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया।

प्रशासन ने अपनाया संवाद का रास्ता

Ujjain Khade Hanuman Temple Dispute;विरोध बढ़ने के बाद प्रशासन ने अब स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों के साथ धार्मिक विरासत और श्रद्धालुओं की आस्था का संरक्षण भी महत्वपूर्ण है। एसडीएम एलएन गर्ग के अनुसार, सभी संबंधित पक्षों से बातचीत के बाद ऐसा समाधान तलाशा जाएगा, जिस पर व्यापक सहमति बन सके।

फिलहाल प्रशासन के इस बयान के बाद प्रतिमा को लेकर तत्काल किसी तरह की कार्रवाई की संभावना टलती दिखाई दे रही है। अब आगे की प्रक्रिया में श्रद्धालुओं, स्थानीय पक्षों और विशेषज्ञों के साथ चर्चा के जरिए समाधान तलाशने पर जोर रहेगा।

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