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रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर

Supaul : जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में आयोजित एक विशेष समारोह में मध्यस्थता के माध्यम से मुकदमों के निपटारे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तीन मध्यस्थों को सम्मानित किया गया। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) को बढ़ावा देना और इसमें योगदान देने वाले लोगों के प्रयासों की सराहना करना था।

Supaul प्रधान जिला न्यायाधीश ने उत्कृष्ट योगदान देने वाले मध्यस्थों को सौंपा सम्मान

कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. राकेश कुमार सिंह-I ने मध्यस्थ श्री शीलभद्र कुमार सिंह, श्री हित नारायण झा और श्रीमती शक्ति कुमारी सारिका को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान चिह्न देकर सम्मानित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मो. अफजल आलम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के कई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी और कानून क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Supaul विवादों के शांतिपूर्ण और त्वरित समाधान में मध्यस्थता की महत्वपूर्ण भूमिका

अपने संबोधन में प्रधान जिला न्यायाधीश ने कहा कि मध्यस्थता वर्तमान न्याय प्रणाली का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से पक्षकार बिना किसी कड़वाहट के, आपसी संवाद और सहमति से अपने विवादों को हल कर सकते हैं। यह न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करता है, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द और संबंधों को भी टूटने से बचाता है। इसमें किसी एक पक्ष की जीत या हार के बजाय दोनों पक्षों की संतुष्टि पर ध्यान दिया जाता है।

न्यायिक प्रणाली को सुलभ बनाने और जागरूकता बढ़ाने पर जोर

समारोह में उपस्थित अन्य न्यायिक अधिकारियों और सम्मानित मध्यस्थों ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि न्याय प्रक्रिया को सरल, त्वरित और जनसुलभ बनाने के लिए मध्यस्थता के प्रति आम जनमानस में जागरूकता फैलाना बेहद आवश्यक है। सम्मानित मध्यस्थों ने खुशी जाहिर करते हुए भविष्य में भी निष्पक्षता और विश्वास के साथ त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस तरह के सम्मान समारोह से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।

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