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रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर

Supaul : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), सुपौल के तत्त्वावधान में ‘मीडिएशन ऑफ नेशन 3.0’ अभियान के तहत जिले भर में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष श्री राजेश कुमार बच्चन के निर्देशन और प्राधिकार के सचिव श्री अमित गौरव की देखरेख में यह विशेष अभियान 1 अगस्त 2026 से शुरू होकर 31 दिसंबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों और अनुमंडलीय क्षेत्रों (बीरपुर एवं निर्मली) के आम नागरिकों को कोर्ट-कचहरी के लंबे चक्करों से बचाकर संवाद के जरिए मुकदमों का निपटारा कराने के लिए प्रेरित करना है।

पैनल अधिवक्ताओं और पीएलवी (PLVs) की सक्रिय भागीदारी

Supaul अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ताओं और पैरा-लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) की अहम भूमिका है। ये प्रतिनिधि गाँव-गाँव और पंचायतों में जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं। वे नागरिकों को समझा रहे हैं कि कैसे छोटे-बड़े विवादों को कोर्ट में वर्षों तक खींचने के बजाय मध्यस्थता (Mediation) के जरिए बिना किसी आर्थिक और मानसिक तनाव के आसानी से सुलझाया जा सकता है।

मध्यस्थता से समय, पैसे की बचत और आपसी संबंधों की सुरक्षा

Supaul मध्यस्थता की प्रक्रिया विवादों के समाधान के लिए एक सुलभ और प्रभावी विकल्प बनकर उभरी है। इसके माध्यम से दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत कराई जाती है। इससे न केवल मुकदमों पर होने वाले अनावश्यक खर्च और समय की बर्बादी रुकती है, बल्कि परिवारों और सामाजिक रिश्तों में आई कड़वाहट भी खत्म होती है। DLSA सुपौल का प्रयास है कि जिले का हर नागरिक इस सहयोगात्मक व्यवस्था के फायदों को समझे और इसे अपनाए।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की आमजन से खास अपील

Supaul माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजेश कुमार बच्चन ने सुपौल वासियों से अपील करते हुए कहा कि नागरिक विवादों को बढ़ाने के बजाय संवाद को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा, “एक जागरूक नागरिक न केवल अपने विवाद का शांतिपूर्ण हल ढूंढता है, बल्कि समाज में भाईचारे और सौहार्द की संस्कृति को भी मजबूत करता है।” उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे स्वयं भी मध्यस्थता के बारे में जानकारी प्राप्त करें और इस संदेश को अपने परिवार व पड़ोसियों तक पहुँचाएँ।

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