SP Congress seat sharing:उत्तर प्रदेश के आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर घमासान तेज हो गया है। हालिया राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं।
सपा का फॉर्मूला: कांग्रेस को 53-55 सीटों का ऑफर
SP Congress seat sharing:सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी पूरी तरह से चुनावी जीत के आधार पर सीट बंटवारे को तय करने के पक्ष में है। सपा अपने गठबंधन के तहत कांग्रेस को 53 से 55 सीटें देने का प्रस्ताव तैयार कर रही है, जबकि खुद सपा राज्य की करीब 350 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में जुटी है।
सपा का तर्क है कि जिन क्षेत्रों में पार्टी का सांगठनिक आधार मजबूत है, वहां वह अपने प्रत्याशी उतारेगी। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, साल 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों को इसका मुख्य आधार बनाया गया है। 2024 के चुनावों में कांग्रेस ने 6 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसके अंतर्गत लगभग 30 विधानसभा क्षेत्र आते हैं और 11 सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस द्वारा लड़ी गई सीटों पर विधानसभा-वार मिले मतों और जीत के समीकरणों को देखते हुए ही सपा 53 से 55 सीटों का विकल्प दे रही है। वहीं, सपा 2024 में मिली 37 लोकसभा सीटों और हारी हुई सीटों पर बढ़त के आंकड़ों को जोड़कर 350 सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति बना रही है।
कांग्रेस की मांग और नेताओं के तीखे बयान
SP Congress seat sharing:दूसरी ओर, कांग्रेस लगातार बड़ी हिस्सेदारी की मांग कर रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद सार्वजनिक मंचों से यह बात कई बार दोहरा चुके हैं कि उनकी पार्टी कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।
कांग्रेस नेता सीट बंटवारे को लेकर सपा पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, समाजवादी पार्टी किसी भी दबाव में झुकने के मूड में नजर नहीं आ रही है। इस खींचतान के बीच सपा सांसद एसपी सिंह पटेल का तीखा बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 150 सीटें देना पार्टी के लिए अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा होगा।
ओवैसी की डेडलाइन पर अखिलेश यादव की दो टूक
SP Congress seat sharing:गठबंधन के संदर्भ में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा दी गई दो अक्टूबर की डेडलाइन पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी उसी पुराने और मजबूत गठबंधन को आगे बढ़ाने का काम करेगी, जिसने पहले भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को शिकस्त दी है।
बागियों को अखिलेश का खुला ऑफर
SP Congress seat sharing:राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में बात करते हुए अखिलेश यादव ने राजनीतिक पाला बदलने वाले बागियों और अन्य दलों के नेताओं को भी एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव का समय आपसी मेल-मिलाप का होता है। यदि किसी को यह महसूस होता है कि देश के लोकतंत्र और संविधान पर हमले हो रहे हैं, तो पुरानी कड़वी बातों को भुलाकर जो भी साथी साथ आना चाहते हैं, सपा उनका स्वागत करने के लिए तैयार है।

