रिपोर्टर: अविनाश श्रीवास्तव
Sasaram Sadar Hospital Waterlogging : बिहार के सासाराम में हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर स्थानीय नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोल कर रख दी है। बारिश के बाद सासाराम का सदर अस्पताल पूरी तरह जलमग्न हो गया है और इसका परिसर किसी झील में तब्दील हो चुका है। अस्पताल के मुख्य प्रवेश मार्ग से लेकर अंदरूनी हिस्सों तक में कई फीट पानी जमा हो गया है, जिससे अस्पताल आने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
Sasaram Sadar Hospital Waterlogging एम्बुलेंस से लेकर बाइकों तक का निकलना हुआ दूभर
अस्पताल की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि आपातकालीन स्थिति में आने वाली एम्बुलेंस हो या आम नागरिकों की मोटरसाइकिलें, सभी को गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। जलजमाव के कारण कई गाड़ियां रास्ते में ही बंद हो जा रही हैं। तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे मरीज और उनके तीमारदार घुटनों तक भरे गंदे पानी में से होकर अस्पताल के भीतर जाने को मजबूर हैं।
Sasaram Sadar Hospital Waterlogging प्रशासनिक लापरवाही: नालों की सफाई न होना बनी मुख्य वजह
स्थानीय निवासियों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। सासाराम में जब भी थोड़ी सी भी तेज बारिश होती है, सदर अस्पताल का यही हाल हो जाता है। लोगों का आरोप है कि मॉनसून से पहले और समय रहते नालों की मुकम्मल सफाई नहीं कराई गई, जिसके चलते जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। नगर परिषद और अस्पताल प्रशासन की इसी आपसी लापरवाही का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
Sasaram Sadar Hospital Waterlogging भारी बजट खर्च होने के बाद भी बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था
सदर अस्पताल की इस दुर्दशा ने सरकारी खर्चों पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल के रख-रखाव और बुनियादी ढांचे को सुधारने के नाम पर हर साल लाखों-करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। इस जलजमाव के कारण न केवल गंभीर रूप से बीमार मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी हो रही है, बल्कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी अस्पताल आने-जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

