By: Yogendra Singh
Sasaram : रोहतास जिले के सासाराम स्थित सदर अस्पताल से एक बार फिर अव्यवस्था और संवेदनहीनता की तस्वीर सामने आई है। यहां इलाज कराने पहुंचे एक दंपती को बुनियादी सुविधा तक नहीं मिल सकी। सोमवार को ओपीडी में अपनी पत्नी के टूटे पैर का उपचार कराने आए एक व्यक्ति को अस्पताल में व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई गई। स्थिति यह रही कि पति अपनी घायल और चलने-फिरने में असमर्थ पत्नी को पीठ पर उठाकर एक विभाग से दूसरे विभाग तक ले जाने को विवश हो गया।
अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो हर कोई हैरान रह गया। पति के चेहरे पर बेबसी साफ झलक रही थी, जबकि पत्नी दर्द से कराहती नजर आई। यह घटना अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

पहले दिन डॉक्टर नहीं मिले, दूसरे दिन व्हीलचेयर का अभाव
Sasaram पीड़ित साहेब राम, जो धनकाढ़ा गांव के निवासी हैं, ने बताया कि उनकी पत्नी का पैर रविवार को फ्रैक्चर हो गया था। वे इलाज के लिए एक दिन पहले भी अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन उस समय चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा और अंततः बिना इलाज कराए घर लौटना पड़ा।
सोमवार को वे दोबारा अस्पताल पहुंचे, उम्मीद थी कि इस बार इलाज हो जाएगा। हालांकि, इस बार नई परेशानी सामने आई। पत्नी को ओपीडी तक ले जाने के लिए उन्होंने अस्पताल कर्मियों से व्हीलचेयर या स्ट्रेचर की मांग की, लेकिन उन्हें बताया गया कि ओपीडी में व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं है। मजबूरन साहेब राम को अपनी पत्नी को पीठ पर उठाकर एक्स-रे कक्ष और डॉक्टर के चैंबर तक ले जाना पड़ा।
बार-बार उठ रहे सवाल, सुधार की नहीं दिखती पहल
Sasaram सदर अस्पताल में अव्यवस्था की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी मरीजों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशानी उठानी पड़ी है। सरकारी दावों में भले ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की बात कही जाती हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
अस्पताल में अक्सर चिकित्सकों के देर से आने, दवाओं की कमी, जांच सुविधाओं के अभाव और दलालों की सक्रियता जैसी शिकायतें सामने आती रहती हैं। बावजूद इसके व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो आम मरीजों की परेशानियां और बढ़ेंगी। जरूरत है कि संबंधित अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लें और अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी को इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े।
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