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रिपोर्टर: विपिन साहू

Para Athlete : भारतीय पैरा-एथलेटिक्स जगत से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। तीन बार के एशियाई पैरा खेलों (Asian Para Games) के स्वर्ण पदक विजेता और देश के जाने-माने पैरा एथलीट नीरज यादव का निधन हो गया है। 42 वर्षीय नीरज यादव ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली है। दिल्ली के एक अस्पताल में उनका पोस्टमार्टम किया जा रहा है। भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुष्टि की है, जिससे खेल जगत में सन्नाटा पसर गया है।

बचपन में पोलियो से संघर्ष और खेल जगत में शानदार सफर

Para Athlete केवल सात वर्ष की उम्र में पोलियो के कारण न्यूरल डैमेज और शारीरिक चुनौतियों का सामना करने वाले नीरज यादव ने कभी हार नहीं मानी। शुरुआत में उन्होंने करीब 7 साल तक व्हीलचेयर टेनिस खेला और साल 2015 में पैरा-एथलेटिक्स की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और दृढ इच्छाशक्ति के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया।

साल 2018 के जकार्ता एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने पुरुषों की F55 जैवलिन थ्रो स्पर्धा में एशियाई रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। इसके बाद हांगकांग में आयोजित 2023 के एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने डिस्कस थ्रो और जैवलिन थ्रो दोनों में स्वर्ण पदक जीतकर अपने गोल्ड मेडल की संख्या तीन पहुंचाई थी।

डोपिंग निलंबन और प्रतियोगिताओं से दूरी का तनाव

Para Athlete मुख्य कोच एस. सत्यनारायण के अनुसार, नीरज यादव पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं। एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के चलते वह पिछले दिनों अनंतिम रूप से निलंबित चल रहे थे, जिसके कारण वे हालिया प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पा रहे थे। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि एक शीर्ष स्तर के खिलाड़ी के लिए प्रतिबंध झेलना और बड़े टूर्नामेंटों से बाहर रहना गहरा मानसिक आघात दे सकता है। हालांकि, उनके इस कदम के पीछे के वास्तविक कारणों की पुलिस और प्रशासन द्वारा जांच की जा रही है।

खेल प्रेमियों और साथी खिलाड़ियों में शोक की लहर

Para Athlete नीरज यादव के आकस्मिक निधन से पैरा-एथलेटिक्स बिरादरी स्तब्ध है। उनके परिवार में उनकी पत्नी और एक तीन साल की बेटी है। इस कठिन समय में पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल और साथी पैरा-एथलीट विपिन कसाना सहित कई दिग्गज खिलाड़ी अस्पताल पहुंचे और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। संघर्षों से लड़कर शिखर तक पहुंचने वाले एक बेहतरीन खिलाड़ी का इस तरह चले जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

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