रिपोर्टर: शशांक गुप्ता
NCERT syllabus class 9 election commission : राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने शिक्षा व्यवस्था को और अधिक व्यावहारिक और लोकतांत्रिक मूल्यों से समृद्ध बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। NCERT ने कक्षा-9 की सामाजिक विज्ञान (Social Science) की पाठ्यपुस्तक में एक नया अध्याय जोड़कर देश की चुनावी प्रणाली को गहराई से समझाने का प्रयास किया है। इस नए पाठ्यक्रम के तहत अब छात्र-छात्राएं चुनाव आयोग (Election Commission) की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के बारे में विस्तार से पढ़ सकेंगे। नई पुस्तक में भारत की संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया को वैश्विक स्तर पर ‘बेमिसाल’ और अद्वितीय बताया गया है।
NCERT syllabus class 9 election commission क्या है ‘SIR’ (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) और छात्र इसमें क्या पढ़ेंगे?
सामाजिक विज्ञान की किताब में पहली बार ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) पर एक समर्पित खंड शामिल किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को यह समझाना है कि देश में लोकतंत्र की बुनियाद यानी ‘मतदाता सूची’ को किस तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन रखा जाता है। छात्र इस अध्याय में निम्नलिखित मुख्य बातें जानेंगे:
- सूची का आधुनिकीकरण: SIR का प्राथमिक उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट करना, उसकी गहन जांच करना और उसमें मौजूद अशुद्धियों को सुधारना है।
- नए नाम जोड़ना: इस प्रक्रिया के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए और योग्य युवाओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाते हैं।
- अवांछित नामों को हटाना: मृत व्यक्तियों, स्थानांतरित हो चुके लोगों (जिन्होंने अपना पता बदल लिया है) और एक से अधिक जगह दर्ज (डुप्लीकेट) नामों को सूची से बाहर किया जाता है।
- दावे और आपत्तियां: अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले आम जनता से आपत्तियां और दावे आमंत्रित किए जाते हैं, ताकि हर नागरिक को अपने मताधिकार का सही उपयोग करने का मौका मिले।
NCERT syllabus class 9 election commission ईवीएम, वीवीपीएटी और गठबंधन सरकारों का व्यावहारिक अध्ययन
किताब में केवल सैद्धांतिक बातें ही नहीं, बल्कि भारतीय चुनाव प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने वाली आधुनिक तकनीकों और नियमों का भी समावेश किया गया है:
- तकनीकी और नैतिक समझ: छात्र अब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), वोटर वेरीफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT), आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) और मतदाता जागरूकता अभियानों की महत्ता को समझेंगे।
- प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट (गतिविधि): छात्रों की राजनीतिक समझ को परखने के लिए एक विशेष एक्टिविटी दी गई है। इसके तहत उन्हें वर्ष 1977, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद देश में आकार लेने वाली ‘गठबंधन सरकारों’ (Coalition Governments) का ऐतिहासिक और राजनीतिक विश्लेषण करने को कहा गया है।
NCERT syllabus class 9 election commission राजनीतिक बहसों के बीच NCERT का यह कदम क्यों है अहम?
NCERT के मुताबिक, देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराने में चुनाव आयोग की भूमिका सर्वोपरि है। दिलचस्प बात यह है कि पाठ्यक्रम में यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है, जब देश के विभिन्न राजनीतिक पटल और विपक्षी दलों द्वारा चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, ईवीएम की विश्वसनीयता और निष्पक्षता को लेकर लगातार तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे माहौल में स्कूली छात्रों को चुनाव की जमीनी और संवैधानिक प्रक्रिया से अवगत कराना बेहद प्रासंगिक माना जा रहा है।

