Meerut Blue Drum Murder CaseMeerut Blue Drum Murder Case
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Meerut Blue Drum Murder Case:उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित मेरठ ‘नीले ड्रम’ हत्याकांड में एक नया मोड़ आ गया है। इस मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा फांसी की सजा पाए दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने अपने मृत्युदंड के फैसले को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी है। हाई कोर्ट की डबल बेंच ने इस याचिका को स्वीकार कर लिया है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की डबल बेंच में हुई सुनवाई

Meerut Blue Drum Murder Case:मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की ओर से निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल की गई थी। इस मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट की डबल बेंच, जिसमें जस्टिस सलिल कुमार राय और जस्टिस पदम नारायण मिश्रा शामिल हैं, के समक्ष हुई। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका को स्वीकार कर लिया है और अब इस पर 30 नवंबर को अगली सुनवाई होगी।

14 अक्टूबर को जिला अदालत ने सुनाई थी फांसी की सजा

Meerut Blue Drum Murder Case:इससे पहले, 14 अक्टूबर 2026 को मेरठ की जिला अदालत ने सौरभ राजपूत हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा दी थी। लगभग 13 महीने तक चली इस लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान 127 तारीखें पड़ीं और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिसके आधार पर अदालत ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।

क्या था पूरा मामला?

Meerut Blue Drum Murder Case:मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी सौरभ राजपूत की हत्या मार्च 2025 में हुई थी। जांच के अनुसार, सौरभ को अपनी पत्नी मुस्कान और साहिल शुक्ला के अवैध संबंधों के बारे में पता चल गया था, जिसके बाद दोनों ने मिलकर 3 मार्च 2025 की रात सौरभ की हत्या कर दी थी।

हत्या को छुपाने के लिए आरोपियों ने शव के कई टुकड़े किए और उन्हें एक नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से सील कर दिया। इसके बाद मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ शिमला और मनाली घूमने चली गई। वह सौरभ के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल कर उसके जिंदा होने का झूठा भ्रम फैलाती रही।

घटना का खुलासा 18 मार्च 2025 को हुआ, जब सौरभ के भाई राहुल को घर के अंदर साहिल की मौजूदगी और घर से आ रही दुर्गंध पर संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने तलाशी ली और नीले ड्रम से शव के टुकड़े बरामद किए, जिसके बाद दोनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था।

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