रिपोर्टर: ईशु कुमार
Thiruvananthapuram : केरल की राजधानी में इतिहास और ज्ञान के एक अनमोल खजाने को बचाने के लिए एक बेहद अनूठा और सराहनीय अभियान चल रहा है। केरल विश्वविद्यालय के 30 नेशनल कैडेट कोर (NCC) छात्र स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) का एक दल औपनिवेशिक काल (Colonial Era) की एक ऐतिहासिक लाइब्रेरी को पुनर्जीवित करने के काम में जुटा है। ये युवा कैडेट्स सदियों पुरानी दुर्लभ किताबों के एक-एक पन्ने और जीर्ण-शीर्ण हो चुकी पांडुलिपियों (Manuscripts) को बेहद सावधानी से सहेजकर इस धरोहर को नया जीवन दे रहे हैं।
Thiruvananthapuram ‘श्री चित्र थिरुनल ग्रंथशाला’: ज्ञान का अद्वितीय और दुर्लभ दस्तावेज
इस अभियान के केंद्र में है तिरुवनंतपुरम की ऐतिहासिक ‘श्री चित्र थिरुनल ग्रंथशाला’। यह पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं, बल्कि इतिहास का एक जीवंत दस्तावेज है। यहाँ लगभग 2 लाख ऐसी दुर्लभ पुस्तकें, पुराने सरकारी व ऐतिहासिक मैनुअल्स, पुरानी पत्रिकाएं और कई ऐसी आउट-ऑफ-प्रिंट (जो अब छपती नहीं हैं) सामग्रियां मौजूद हैं, जो समय के थपेड़ों के साथ इतिहास के पन्नों में कहीं खो चुकी थीं। इस समृद्ध भंडार को नष्ट होने से बचाना हमारी सांस्कृतिक विरासत को बचाने जैसा है।
Thiruvananthapuram कैडेट्स की अनूठी मुहिम: नष्ट हो रही धरोहर को डिजिटल और सुरक्षित बनाने का संकल्प
लाइब्रेरी की कई महत्वपूर्ण और प्राचीन पुस्तकें समय के साथ जर्जर हो चुकी हैं और उनके पन्ने बिखर रहे हैं। ऐसे में एनसीसी के इन 30 जांबाज छात्रों ने इस चुनौती को स्वीकार किया है। ये छात्र हर एक प्राचीन पुस्तक को हाथ में लेकर उसके इतिहास को टटोल रहे हैं, धूल साफ कर रहे हैं और फटी हुई कड़ियों को जोड़ रहे हैं। इस श्रमसाध्य कार्य का उद्देश्य न केवल इन किताबों को भौतिक रूप से सुरक्षित रखना है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस अनमोल ज्ञान को हमेशा के लिए अमर बना देना है।
Thiruvananthapuram संस्कृति और इतिहास के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम
जानकारों और इतिहासकारों का मानना है कि इस तरह के ऐतिहासिक पुस्तकालयों का जीर्णोद्धार किया जाना बेहद जरूरी है। ‘श्री चित्र थिरुनल ग्रंथशाला’ में मौजूद दुर्लभ सामग्री शोधकर्ताओं (Researchers) और छात्र-छात्राओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा देश की इस बौद्धिक संपदा को बचाने के लिए किया जा रहा यह प्रयास देश के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गया है।

