रिपोर्टर: रतन कुमार
Jamtara : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ इंडिया गठबंधन ने सोमवार को जामताड़ा अनुमंडल कार्यालय के बाहर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया। ‘वोट बचाओ, नागरिकता बचाओ, देश बचाओ’ के नारों के साथ हुए इस प्रदर्शन में केंद्र सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला गया। गठबंधन के नेताओं ने एसआईआर प्रक्रिया को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की पुरजोर मांग की है।
एसआईआर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल और आरोप
Jamtara धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता सीपीआईएम के प्रभारी जिला सचिव संजय कुमार मेहता ने की। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के वक्ताओं ने एसआईआर प्रक्रिया की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इस अभियान के नाम पर बड़ी संख्या में पात्र और वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। नेताओं का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया से देश भर में करीब 13 करोड़ नागरिकों के मतदान और लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हुए हैं।
वक्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और सत्ताधारी दल के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।
इंडिया गठबंधन की प्रमुख मांगें
- मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाए गए सभी मतदाताओं के नाम तत्काल दोबारा जोड़े जाएं।
- किसी भी पात्र नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित न किया जाए।
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें।
बड़े पैमाने पर शामिल रहे नेता और कार्यकर्ता
Jamtara यह विरोध प्रदर्शन सीपीआईएम, कांग्रेस, राजद, भाकपा और भाकपा माले सहित पूरे इंडिया गठबंधन के संयुक्त बैनर तले आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सीपीआईएम राज्य सचिव सुरजीत सिन्हा, लखनलाल मंडल, अशोक चौधरी, राजद नेत्री अर्चना यादव, कांग्रेस नेता नंदकिशोर सिंह, भाकपा माले जिला सचिव सुनील राणा समेत भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गठबंधन के नेताओं ने अंत में चेतावनी दी है कि यदि जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का यह सिलसिला नहीं रुका, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।

