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Devendra Fadnavis:महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अभिनेत्री दीया मिर्जा के दिवाली वीडियो को लेकर मचे राजनीतिक बवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सीएम फडणवीस ने इस पूरे प्रकरण को एक छोटा मामला करार देते हुए कहा कि अभिनेत्री कोई बड़ी राजनेता नहीं हैं, इसलिए मीडिया को उनके स्तर के बड़े मुद्दों पर सवाल पूछने चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगर पालिका) की कार्रवाई पर गहरी नाराजगी जताई थी।

‘दीया मिर्जा अभिनेत्री हैं, कोई बड़ी नेता नहीं’: सीएम फडणवीस

Devendra Fadnavis:नई दिल्ली और मुंबई में सुर्ख़ियों बने इस मामले पर बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह बहुत ही छोटा मुद्दा है। कोर्ट द्वारा किसी को फटकार लगाने जैसी कोई बात नहीं हुई है, बल्कि अदालत ने केवल वीडियो को फिर से अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बीएमसी ने इस वीडियो को पहले डिलीट किया था, और जिसके अधिकार क्षेत्र का मामला है, वही अधिकारी इसे अपलोड या डिलीट करने का निर्णय लेंगे। सीएम ने आगे कहा, “दीया मिर्जा एक अच्छी अभिनेत्री जरूर हैं, लेकिन वह बहुत बड़ी नेता नहीं हैं। इसलिए हमारी दृष्टि में यह मामला बेहद छोटा है। लोगों को चाहिए कि वे हमसे हमारे स्तर के मामलों पर सवाल पूछें, ऐसे छोटे विषयों पर नहीं।”

क्या है पूरा विवाद और बॉम्बे हाई कोर्ट की नाराजगी?

Devendra Fadnavis:बंबई उच्च न्यायालय ने बीएमसी के पर्यावरण-अनुकूल और पटाखा-मुक्त दिवाली अभियान के तहत अभिनेत्री दीया मिर्जा के प्रचार वीडियो को हटाने पर गहरी नाराजगी और पीड़ा व्यक्त की थी। अदालत ने इस स्वतः संज्ञान मामले में सुनवाई करते हुए कुछ लोगों और जनप्रतिनिधियों की “तुच्छ मानसिकता” पर कड़ी आपत्ति जताई थी।

  • राजनीतिक आपत्ति और वीडियो हटाना: वायु और ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाले इस अभियान में दीया मिर्जा के अलावा माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और अजिंक्य रहाणे जैसे जाने-माने चेहरे भी शामिल थे। हालांकि, बीजेपी की मुंबई इकाई के नेताओं और महापौर रितु तावड़े की आपत्तियों के बाद केवल दीया मिर्जा के वीडियो को सोशल मीडिया से हटा दिया गया था, जिससे बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
  • हाई कोर्ट के कड़े निर्देश: जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की पीठ ने कहा कि जागरूकता फैलाने के लिए हस्तियों का चयन करने का बीएमसी आयुक्त का निर्णय पूरी तरह सही था। अदालत ने नगर निकाय को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि दीया मिर्जा के उस वीडियो को तुरंत दोबारा सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाए। साथ ही, अदालत ने चेतावनी दी कि समाज के हर व्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए और देश की धर्मनिरपेक्ष भावना का आदर होना चाहिए।

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