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रिपोर्टर: रतन कुमार

Jamtara : साइबर अपराध के गढ़ माने जाने वाले जामताड़ा में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक (SP) शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने जाल बिछाकर एक शातिर अपराधी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह आरोपी देश भर के लोगों को क्रेडिट कार्ड बंद होने का झांसा देकर अपनी ठगी का शिकार बनाता था।

Jamtara अर्धनिर्मित मकान में चल रहा था ‘साइबर ठगी का खेल’

एसपी के निर्देश पर पुलिस निरीक्षक (पु०नि०) प्रकाश सेठ और पु०नि० वैभव सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करमाटाँड़ थाना क्षेत्र के रानीटाँड़ गांव (करमाटाँड़ से ईदगाह जाने वाली पक्की सड़क के पास) में स्थित एक अर्धनिर्मित मकान की घेराबंदी की। यहाँ पुलिस ने दबिश देकर मौके से ही साइबर अपराध को अंजाम दे रहे आरोपी को दबोच लिया।

Jamtara गिरफ्तार आरोपी का विवरण और बरामदगी:

  • नाम व पता: गालिब अंसारी (38 वर्ष), पिता- स्वर्गीय अब्दुल हन्नान, निवासी- ग्राम डुमरियाँ, थाना करमाटाँड़, जिला जामताड़ा।
  • बरामदगी: पुलिस ने आरोपी के पास से 3 मोबाइल फोन और 5 एक्टिवेटेड सिम कार्ड जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल वह ठगी के लिए करता था।

Jamtara इस तरह जाल में फंसाता था आरोपी: ‘APK फाइल’ का खतरनाक खेल

पुलिस पूछताछ में आरोपी के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आरोपी बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाता था:

ठगी का तरीका: आरोपी मुख्य रूप से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों को निशाना बनाता था। वह लोगों को फोन कर झांसा देता था कि उनका क्रेडिट कार्ड बंद होने वाला है या नया कार्ड जारी करना है। इसके बाद वह पीड़ितों के मोबाइल पर एक फ्रॉड APK फाइल (ऐप लिंक) डाउनलोड करवा देता था। जैसे ही पीड़ित उस ऐप को इंस्टॉल करते, आरोपी उनके फोन का रिमोट एक्सेस लेकर क्रेडिट कार्ड की गोपनीय जानकारियां चुरा लेता और खाते से पैसे उड़ा देता था।

Jamtara नए कानूनों (BNS) के तहत मामला दर्ज

इस कार्रवाई के बाद जामताड़ा साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 33/26 (दिनांक 05.06.2026) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ नए कानून यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न सुसंगत धाराओं, आईटी एक्ट (IT Act) और टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट 2023 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।

पुलिस जांच में पता चला है कि इस आरोपी का नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ था। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और बैंक डेटा लीक करने वाले सूत्रों की तलाश में जुटी है।

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