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by-Ravindra Sikarwar

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित हो रही चक्रवाती परिसंचरण के कारण अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के लिए उच्च स्तरीय चेतावनी जारी की है। यह मौसमी प्रणाली आज से मजबूत होने की उम्मीद है, जिससे द्वीपों पर भारी वर्षा, तेज हवाएं और ऊंची लहरों का खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों, मछुआरों और पर्यटकों से सतर्कता बरतने और तैयारी करने की अपील की है, ताकि किसी भी संभावित आपदा से निपटा जा सके।

मौसमी प्रणाली का विवरण और विकास:
IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जो अगले 24 घंटों में निम्न दाब क्षेत्र में बदल सकता है। यह प्रणाली 24 सितंबर से धीरे-धीरे तीव्र होगी, जिसका असर अंडमान द्वीप पर सबसे पहले दिखेगा। विभाग ने अनुमान लगाया है कि 24 सितंबर को द्वीपसमूह के एक या दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं चलेंगी। इसके अलावा, अंडमान द्वीप पर 7-11 सेंटीमीटर तक भारी वर्षा दर्ज हो सकती है।

25 और 26 सितंबर को भी इसी तरह की स्थितियां बनी रहेंगी, जहां गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ वर्षा जारी रहेगी। 27 और 28 सितंबर तक यह प्रभाव कमजोर पड़ सकता है, लेकिन अंडमान सागर और तटों पर 35-45 किमी/घंटा की हवाएं, जो 55 किमी/घंटा तक तेज हो सकती हैं, बनी रहेंगी। यह चेतावनी पोर्ट ब्लेयर मौसम केंद्र से जारी की गई है, जो द्वीपसमूह की निगरानी कर रहा है।

प्रभावित क्षेत्र और संभावित खतरे:
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के सभी प्रमुख द्वीप, जैसे पोर्ट ब्लेयर, कार निकोबार, ग्रेट निकोबार और अन्य छोटे द्वीप इस प्रणाली से प्रभावित हो सकते हैं। भारी वर्षा से जलभराव, भूस्खलन और बाढ़ का खतरा है, जबकि तेज हवाएं पेड़ों, बिजली के खंभों और संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं। समुद्री क्षेत्र में ऊंची लहरें (1.6-1.8 मीटर ऊंचाई वाली) उठने की संभावना है, जो नावों और तटीय इलाकों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं।

पिछले कुछ दिनों से ही द्वीपसमूह में असामान्य मौसम देखा जा रहा है, और यह प्रणाली मानसून के अवशेषों से जुड़ी हो सकती है। यदि यह और मजबूत हुई, तो यह एक पूर्ण चक्रवात में बदल सकती है, हालांकि अभी यह एक अवसाद (डिप्रेशन) स्तर पर है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और सलाह:
अंडमान और निकोबार प्रशासन ने IMD की चेतावनी के आधार पर तत्काल कदम उठाए हैं। नौवहन निदेशालय (DSS) ने कैम्पबेल बे, नानकोवरी, कच्छल और अन्य द्वीपों के लिए नौकाओं की यात्रा को संशोधित या स्थगित करने का फैसला लिया है। स्थानीय बंदरगाहों पर चेतावनी जारी की गई हैं, और आपातकालीन सेवाओं को सतर्क किया गया है।

मछुआरों को 25 सितंबर तक अंडमान सागर और तटों के पास मछली पकड़ने से पूरी तरह परहेज करने की सलाह दी गई है। नाव मालिकों, द्वीपवासियों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे नावें चलाते समय विशेष सावधानी बरतें, और समुद्र तट पर मनोरंजक गतिविधियां सीमित रखें। ऊंची लहरों के कारण तटीय क्षेत्रों में सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। प्रशासन ने राहत सामग्री, जैसे भोजन, पानी और चिकित्सा किट, के वितरण की तैयारी भी शुरू कर दी है।

जनता के लिए सुरक्षा उपाय:

  • घरेलू स्तर पर: घरों को मजबूत करें, खिड़कियां बंद रखें, और बिजली के उपकरणों से दूर रहें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ऊंचे स्थानों पर जाना सुनिश्चित करें।
  • यात्रा संबंधी: हवाई और समुद्री यात्राओं पर नजर रखें; उड़ानें या फेरी सेवाओं में बदलाव संभव है।
  • सूचना स्रोत: IMD की वेबसाइट या ऐप पर नियमित अपडेट चेक करें। स्थानीय रेडियो और मोबाइल अलर्ट पर ध्यान दें।
  • आपातकालीन संपर्क: निकटतम पुलिस या आपदा प्रबंधन केंद्र से तुरंत संपर्क करें।

यह चक्रवाती प्रणाली अंडमान और निकोबार के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है, लेकिन समय पर चेतावनी से नुकसान को कम किया जा सकता है। IMD लगातार निगरानी कर रहा है, और अगले अपडेट में प्रणाली के पथ या तीव्रता में बदलाव की जानकारी दी जाएगी। द्वीपवासियों से अपील है कि वे शांत रहें, लेकिन सतर्क रहें।

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