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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Kaithal : हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक जवाबदेही और अनुशासन को लेकर एक बड़ा सख्त कदम उठाया है। कैथल जिले के राजौंद में तैनात नायब तहसीलदार श्रीमती स्नेहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी इस आदेश के बाद से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

Kaithal राज्यपाल के आदेश पर एक्शन, बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक

यह कार्रवाई हरियाणा के राज्यपाल के निर्देशों के तहत की गई है। सस्पेंशन की इस अवधि के दौरान श्रीमती स्नेहा का हेडक्वार्टर भू-अभिलेख निदेशालय, पंचकूला तय किया गया है। आदेश के मुताबिक, वे बिना किसी पूर्व अनुमति या अप्रूवल के इस मुख्यालय को छोड़कर कहीं और नहीं जा सकेंगी।

Kaithal नियमों के तहत मिलेगा निर्वाह भत्ता और कैथल DC को चार्जशीट के निर्देश

विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तीय आयुक्त (राजस्व) डॉ. सुमिता मिश्रा (IAS) द्वारा जारी आदेश के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • निर्वाह भत्ता: हरियाणा सिविल सेवा नियम-2016 के नियम 83 के तहत शुरुआती 6 महीनों तक उन्हें अर्ध-वेतन अवकाश के समान निर्वाह भत्ता मिलेगा। इसके लिए उन्हें यह साबित करना होगा कि वे किसी अन्य नौकरी या बिजनेस से नहीं जुड़ी हैं।
  • चार्जशीट की तैयारी: कैथल के उपायुक्त (DC) को निर्देश दिए गए हैं कि वे निलंबन आदेश को तुरंत लागू कराएं और ‘हरियाणा सिविल सेवा नियम-2016 के नियम-7’ के तहत ड्राफ्ट चार्जशीट तैयार कर विभाग को भेजें।
  • बजट व्यवस्था: सस्पेंशन के दौरान मिलने वाले भत्तों का भुगतान पंचकूला मुख्यालय में किसी रिक्त पद के एवज में किया जाएगा।

Kaithal विभागों को सूचना और पारदर्शिता का संदेश

इस निलंबन की कॉपियां प्रधान महालेखाकार (A&E/Audit) हरियाणा, संबंधित अधिकारियों और मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) पोर्टल पर रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए कंप्यूटर प्रोग्रामर को भेज दी गई हैं। सरकार के इस कड़े कदम को सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और जीरो टॉलरेंस की नीति को मजबूत करने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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