Harsh Vihar Building Collapse:राजधानी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में एक बड़ा दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां एक निर्माणाधीन इमारत अचानक ढह जाने से दो मजदूरों की जान चली गई। यह हादसा शनिवार देर शाम हुआ था, जिसके बाद मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के चलते राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और दिल्ली अग्निशमन सेवा की टीमों ने पूरी रात राहत एवं बचाव अभियान चलाया। करीब 12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से दोनों मजदूरों के शव बाहर निकाले गए।
प्रशासन और एनडीआरएफ का रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
Harsh Vihar Building Collapse:घटना की जानकारी देते हुए एडिशनल DCP संदीप लांबा ने बताया कि दोपहर के समय पुलिस को इमारत गिरने की सूचना मिली थी। यह एक पुरानी एक-मंजिला इमारत थी, जिसके ऊपर अतिरिक्त मंजिल का निर्माण कार्य चल रहा था। घटनास्थल का इलाका चारों तरफ से घनी आबादी से घिरा हुआ था, जिसके कारण राहत कार्यों में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस और एनडीआरएफ की टीमों ने डॉग स्क्वॉड के साथ मिलकर मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने का काम किया।
अवैध निर्माण का नतीजा है यह हादसा: मंत्री कपिल मिश्रा
Harsh Vihar Building Collapse:हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद घटनास्थल यानी उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार स्थित मिलान गार्डन पहुंचे। मंत्री कपिल मिश्रा ने दुख जताते हुए कहा कि शुरुआती जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि इमारत पर नया लिंटर (छत का बीम) डालने का प्रयास किया जा रहा था, जो अचानक ढह गया और इसके नीचे आने से एक पिता और उनके बेटे के मलबे में फंसने की बात सामने आई। उन्होंने कहा कि सीमापुरी, सीलमपुर और मुस्तफाबाद जैसी जगहों पर हुई ऐसी घटनाएं अवैध निर्माण का सीधा परिणाम हैं।
दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई: मंत्री आशीष सूद
Harsh Vihar Building Collapse:इस दर्दनाक हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार और पार्टी इस आपदा से प्रभावित पीड़ित परिवार के साथ पूरी तरह खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लापरवाही के लिए चाहे नगर निगम (MCD) हो या अन्य कोई भी जिम्मेदार हो, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार अवैध निर्माण को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है और नगर निगम को भी इस संबंध में कड़े निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली में पहले भी हो चुके हैं ऐसे दर्दनाक हादसे
Harsh Vihar Building Collapse:राजधानी में इमारतों के गिरने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले इसी महीने की 7 अक्टूबर को सीमापुरी में एक इमारत ढहने से एक गर्भवती महिला और एक बच्चे समेत 3 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 8 लोग घायल हुए थे। इसके अलावा सत्य निकेतन और साकेत इलाके में भी बहुमंजिला इमारतों के गिरने से कई बेकसूर लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जो अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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