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by-Ravindra Sikarwar

पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के सरगना और वैश्विक आतंकवादी हाफिज सईद, जो जेल में सजा काट रहे हैं, ने बावजूद इसके अपनी गतिविधियां जारी रखी हैं। नई खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सईद अपने संगठन के जरिए बांग्लादेश को नया लॉन्च पैड बनाकर भारत के खिलाफ हमलों की योजना बना रहे हैं। यह खुलासा पाकिस्तान के खैरपुर तमेवाली में 30 अक्टूबर को हुई एक रैली के वीडियो से हुआ है, जहां एलईटी के वरिष्ठ कमांडर सैफुल्लाह सैफ ने खुलेआम भारत के खिलाफ ‘जिहाद’ की घोषणा की। सैफ ने दावा किया कि सईद ने अपने करीबी सहयोगी को बांग्लादेश भेजा है, जहां स्थानीय युवाओं को कट्टर बनाकर उन्हें भारत पर हमलों के लिए तैयार किया जा रहा है। यह विकास भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा खतरे को बढ़ा रहा है, खासकर शेख हसीना सरकार के पतन के बाद दोनों देशों के रिश्तों में बदलाव के बीच।

साजिश का खुलासा: सैफ का वीडियो और रैली का विवरण
30 अक्टूबर को पाकिस्तान के खैरपुर तमेवाली में आयोजित एक सार्वजनिक सभा में एलईटी कमांडर सैफुल्लाह सैफ ने सैकड़ों समर्थकों, जिसमें बच्चे भी शामिल थे, को संबोधित किया। वीडियो में सैफ ने स्पष्ट कहा, “हाफिज सईद निष्क्रिय नहीं बैठे हैं; वे बांग्लादेश के जरिए भारत पर हमला करने की तैयारी कर रहे हैं।” उन्होंने बांग्लादेश को ‘पूर्वी पाकिस्तान’ कहकर संबोधित किया, जो 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम से पहले के ऐतिहासिक संदर्भ को जाहिर करता है। सैफ ने दावा किया कि एलईटी के सदस्य पहले से ही बांग्लादेश में सक्रिय हैं और ‘ऑपरेशन सिंदूर’—जो मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से की गई काउंटर-टेरर कार्रवाई थी—के जवाब में भारत को ‘जवाब’ देने को तैयार हैं।

रैली में सैफ ने पाकिस्तानी सेना की तारीफ की, जो कथित रूप से ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है, और कहा कि ‘अब अमेरिका हमारे साथ है, और बांग्लादेश भी पाकिस्तान के करीब आ रहा है।’ उन्होंने उपस्थित बच्चों को भी ‘भारत के खिलाफ जंग’ में शामिल होने का आह्वान किया, जो आतंकी संगठनों की नाबालिगों को कट्टर बनाने की रणनीति को दर्शाता है। यह वीडियो भारतीय खुफिया एजेंसियों के हाथ लगा, जिससे साफ हो गया कि सईद का नेटवर्क पूर्वी सीमा पर नया खतरा पैदा कर रहा है। सैफ ने आगे कहा कि सईद का दाहिना हाथ बांग्लादेश में ‘शेर की तरह गरज’ रहा है, जिससे भारत ‘चिंतित और परेशान’ है।

सईद के सहयोगी की भूमिका: बांग्लादेश में कट्टरकरण और ट्रेनिंग
हाफिज सईद ने अपने करीबी सहयोगी अल्लामा इब्तिसाम इलाही जहीर को बांग्लादेश भेजा है, जो पाकिस्तान की मारकाजी जमीयत अहल-ए-हदीस का महासचिव है। जहीर 25 अक्टूबर को ढाका पहुंचे, जहां उन्हें अल जामिया अस-सलाफिया के अब्दुर रहिम बिन अब्दुर रज्जाक ने स्वागत किया। यह जहीर का फरवरी 2025 के बाद बांग्लादेश का दूसरा दौरा है, जो मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के तहत हुआ। जहीर ने राजशाही और चापाइनवाबगंज जैसे सीमावर्ती जिलों का दौरा किया, जहां उन्होंने भड़काऊ भाषण दिए। इन भाषणों में उन्होंने कश्मीर और फिलिस्तीन के मुद्दों को उठाते हुए मुसलमानों से ‘इस्लाम के लिए बलिदान’ देने, धर्मनिरपेक्ष ताकतों के खिलाफ एकजुट होने और कश्मीर को पाकिस्तान से जोड़ने की अपील की।

खुफिया स्रोतों के अनुसार, जहीर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को ‘जिहाद’ के नाम पर कट्टर बनाना और उन्हें आतंकी ट्रेनिंग देना है। एलईटी का फ्रंट संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) बांग्लादेश में अपना नेटवर्क फैला रहा है, जो कट्टर विचारों को फैलाने और सीमा-पार चरमपंथ को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। सैफ ने रैली में जहीर की गतिविधियों की सराहना की और कहा कि इससे भारत में घुसपैठ आसान हो जाएगी। यह रणनीति भारत की पूर्वी सीमा को निशाना बनाने की है, जहां से हमले आसानी से अंजाम दिए जा सकते हैं।

बांग्लादेश-पाकिस्तान संबंधों में बदलाव: नया खतरा
शेख हसीना की सरकार के अगस्त 2024 में गिरने के बाद बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच संबंधों में तेजी से सुधार हुआ है। मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश ने पाकिस्तान के साथ प्रत्यक्ष व्यापार फिर शुरू किया, वीजा-मुक्त यात्रा लागू की, छात्रों के लिए पूर्ण वित्त पोषित छात्रवृत्तियां दीं और ट्रैक-II कूटनीति को पुनर्जीवित किया। यूनुस ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से दो बार मुलाकात की—पिछले साल संयुक्त राष्ट्र महासभा के साइडलाइन्स पर और इस साल काहिरा में डी-8 समिट में।

इस बीच, सैन्य सहयोग बढ़ा है। पाकिस्तान के टॉप मिलिट्री अधिकारी जनरल साहिर शमशाद मिर्जा 24 अक्टूबर को ढाका पहुंचे, जहां उन्होंने यूनुस से व्यापार, रक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की। पाकिस्तानी नौसेना प्रमुख एडमिरल नवेद अशरफ चार दिवसीय यात्रा पर ढाका आए और बांग्लादेश आर्मी चीफ जनरल वाकर-उज-जमान से मिले, जहां द्विपक्षीय ट्रेनिंग, सेमिनार और विजिट्स पर सहमति बनी। 1971 के मुक्ति संग्राम के बाद पहली बार पाकिस्तानी नौसेना का जहाज पीएनएस सैफ चट्टोग्राम बंदरगाह पर चार दिनों के ‘गुडविल विजिट’ के लिए रुका। बांग्लादेशी विश्लेषकों का मानना है कि जेयूडी का विस्तार चिंताजनक है, जो कट्टरता फैला सकता है और सीमा-पार हमलों को बढ़ावा दे सकता है।

भारत की चिंताएं और प्रतिक्रिया:
यह साजिश भारत के लिए गंभीर खतरा है, क्योंकि हाफिज सईद 2008 के मुंबई हमलों (जिसमें 166 लोग मारे गए) और 2001 के संसद हमले का मास्टरमाइंड रहा है। नई दिल्ली ने सईद समेत अन्य प्रमुख आतंकवादियों की प्रत्यर्पण की मांग की है। खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, खासकर भारत-बांग्लादेश सीमा पर निगरानी बढ़ाई गई है ताकि घुसपैठ रोकी जा सके। सैफ के वीडियो से साफ है कि पाकिस्तान-बांग्लादेश अक्ष भारत के खिलाफ नया मोर्चा खोल रहा है, जो पूर्वी सीमा पर जटिलताएं बढ़ा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बांग्लादेश का यह उपयोग क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करेगा, और भारत को इन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी होगी। सईद की जेल से संचालन पाकिस्तानी राजनीतिक-सैन्य तंत्र के संरक्षण को उजागर करता है, जो वैश्विक आतंकवाद विरोधी प्रयासों पर सवाल उठाता है। फिलहाल, भारतीय सुरक्षा बल सतर्क हैं, लेकिन यह मामला द्विपक्षीय संबंधों में तनाव पैदा कर सकता है। यह घटना दर्शाती है कि आतंकवाद की जड़ें कितनी गहरी हैं, और क्षेत्रीय शांति के लिए सतत सतर्कता जरूरी है।

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