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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Gwalior : ग्वालियर के बहुचर्चित शीतला माता मंदिर हादसे में एक और दुखद खबर सामने आई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 65 वर्षीय बुजुर्ग मोतीराम प्रजापति ने लगातार 52 घंटों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद आखिरकार मंगलवार सुबह अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में एक बार फिर मातम और शोक की लहर दौड़ गई है।

प्रसाद की दुकान चलाने वाले मोतीराम भी बने हादसे का शिकार

Gwalior मूल रूप से सांतऊ गांव के रहने वाले 65 वर्षीय मोतीराम प्रजापति शीतला माता मंदिर के पास ही प्रसाद की दुकान चलाते थे। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात जब एक अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रक ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को कुचल डाला था, तब मोतीराम भी उसकी चपेट में आ गए थे। जिस मंदिर परिसर के आसपास वह अपनी आजीविका चलाते थे, वहीं हुआ यह भीषण हादसा उनके लिए काल बन गया।

लिंक अस्पताल में चल रहा था इलाज, मंगलवार सुबह तोड़ा दम

Gwalior घटना के तुरंत बाद परिजन उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए शहर के लिंक हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिवार को लगातार उम्मीद थी कि बेहतर चिकित्सा मिलने के बाद मोतीराम पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट आएंगे। लेकिन दो दिन तक मौत के खिलाफ संघर्ष करने के बाद मंगलवार सुबह करीब छह बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मौत की खबर मिलते ही शोकाकुल परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और घर में कोहराम मच गया।

16 लोगों की मौत और 42 घायल, अभी भी जारी है संघर्ष

Gwalior इस दर्दनाक और क्रूर हादसे ने कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ कर रख दिया है। किसी ने अपना बुजुर्ग पिता तो किसी ने अपना जीवनसाथी खो दिया है। पुलिस और प्रशासन के अनुसार, इस दुर्घटना में अब तक 16 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लगभग 42 अन्य घायल अभी भी विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। झांसी रोड थाना प्रभारी आशीष शर्मा ने पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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