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By: Yogendra Singh

Gwalior : गोला का मंदिर थाना क्षेत्र में अपराध और साजिश का एक ऐसा मेल देखने को मिला है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। एक युवक ने अपने पुराने दुश्मनों से हिसाब बराबर करने के लिए अपने ही दोस्त को मौत के मुँह में धकेल दिया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की नजरों से बच नहीं सकता।

अपराध की पटकथा: दुश्मनी का बदला और दोस्त की बलि

Gwalior घटना की जड़ें पुरानी रंजिश में दबी हुई हैं। पुलिस की पड़ताल के अनुसार, मुख्य आरोपी मधुसूदन तोमर का इलाके के ही तीन युवकों के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। मधुसूदन उन्हें सबक सिखाने और हमेशा के लिए जेल भेजने का मन बना चुका था। लेकिन इसके लिए उसने जो रास्ता चुना, वह रूह कंपा देने वाला था।

उसने अपने करीबी दोस्त विकास साहू को इस साजिश का हिस्सा (बलि का बकरा) बनाया। मधुसूदन ने योजना बनाई कि अगर वह अपने दोस्त पर हमला करवा दे और उसका इल्जाम अपने दुश्मनों पर मढ़ दे, तो पुलिस उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लेगी। पिंटू पार्क इलाके में सुनसान जगह पाकर मधुसूदन ने अपने ही दोस्त विकास के सीने में गोली मार दी। विकास लहूलुहान होकर गिर पड़ा और वर्तमान में वह अस्पताल में जीवन और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।

खुद बना फरियादी: पुलिस को गुमराह करने की नाकाम कोशिश

Gwalior वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने अपनी ‘एक्टिंग’ शुरू की। वह खुद को निर्दोष और चश्मदीद बताने के लिए दौड़ता हुआ गोला का मंदिर थाना पहुँचा। वहाँ उसने पुलिस को एक मनगढ़ंत कहानी सुनाई कि उसके दुश्मनों ने विकास पर जानलेवा हमला किया है और वह बाल-बाल बचा है।

शुरुआत में पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया, लेकिन जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ी, मधुसूदन के बयानों में झोल नजर आने लगा। वह बार-बार अपनी बातों से पलट रहा था और उसके चेहरे का डर पुलिस की अनुभवी नजरों से छिप नहीं सका।

सीसीटीवी का ‘तीसरा नेत्र’ और आरोपी की गिरफ्तारी

Gwalior इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में तकनीक ने सबसे अहम भूमिका निभाई। जब पुलिस की टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो पूरी सच्चाई आईने की तरह साफ हो गई।

फुटेज में स्पष्ट देखा गया कि विकास पर गोली चलाने वाला कोई बाहरी दुश्मन नहीं, बल्कि वही शख्स था जो थाने में न्याय की गुहार लगा रहा था। वीडियो साक्ष्य सामने आते ही मधुसूदन का झूठ ताश के पत्तों की तरह ढह गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307) व अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

महत्वपूर्ण नोट: पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था या मधुसूदन ने अकेले ही इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

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