DelhiDelhi
Spread the love

रिपोर्टर: विपिन साहू

Delhi : राजधानी दिल्ली के पीतमपुरा में इस बार विजयादशमी का पर्व एक अलग अंदाज में मनाया जाएगा। श्री केशव रामलीला समिति ने इस साल रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों के साथ-साथ 30 फीट ऊंचे ‘कॉकरोच’ के पुतले का दहन करने का बड़ा फैसला लिया है। आयोजकों के अनुसार, कॉकरोच को समाज और परिवेश में फैली गंदगी और अस्वच्छता का प्रतीक माना गया है। दिलचस्प बात यह भी है कि यह अनूठा दहन ऐसे समय में होने जा रहा है जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर सुर्खियों में है।

तीन पारंपरिक पुतलों के अलावा जलेगा अस्वच्छता का ‘चौथा पुतला’

Delhi श्री केशव रामलीला समिति के अध्यक्ष और मॉडल टाउन से विधायक अशोक गोयल ने बताया कि विजयदशमी का पावन पर्व अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति हर साल तीन पारंपरिक पुतलों के साथ-साथ समाज की किसी बुराई को दर्शाने वाला ‘चौथा पुतला’ भी दहन करती रही है। इससे पूर्व के वर्षों में आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रतीक पुतले जलाए जा चुके हैं, और इस बार ध्यान गंदगी के खातमे पर केंद्रित किया गया है।

घर और समाज से गंदगी मिटाने का बड़ा संकल्प

Delhi अशोक गोयल के अनुसार, कॉकरोच को गंदगी का प्रतीक मानकर उसका दहन करने का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि देश, समाज और घर-आंगन को हर तरह की अस्वच्छता से मुक्त बनाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसी सामाजिक संदेश को व्यापक स्तर पर फैलाने के लिए 30 फीट ऊंचा यह विशेष पुतला तैयार कराया गया है, जिसे दशहरे के दिन आग के हवाले किया जाएगा।

राजनीतिक हलचलों और CJP के विरोध के बीच अनूठा फैसला

Delhi इस दौरान जब मीडिया ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा चलाए जा रहे राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों और इस पुतला दहन के बीच संबंध को लेकर सवाल पूछा, तो समिति ने स्थिति साफ की। विधायक ने कहा कि इस पहल का मुख्य ध्येय केवल समाज और देश से अस्वच्छता व गंदगी का खात्मा करना है। बहरहाल, राजनीतिक सरगर्मियों के बीच 30 फीट ऊंचे कॉकरोच का यह दहन पूरे दिल्ली-एनसीआर में खासी चर्चा और कौतुहल का विषय बना हुआ है।

ये भी पढ़े: दुर्ग JD स्टील प्लांट में खौफनाक हादसा: 1600 डिग्री पिघले लोहे से झुलसे ठेकेदार ने तोड़ा दम