Congo Ebola Virus : दुनिया अभी हंतावायरस के खतरे से उबर भी नहीं पाई थी कि अफ्रीकी देश कांगो में ‘इबोला’ वायरस ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। पूर्वी कांगो के इतुरी प्रांत में इस जानलेवा वायरस के संक्रमण से अब तक लगभग 80 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि सैकड़ों की संख्या में संदिग्ध मामले सामने आने से वैश्विक स्वास्थ्य संगठन बेहद चिंतित हैं। संक्रमण की भयावहता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने बड़े पैमाने पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और स्क्रीनिंग अभियान शुरू कर दिया है।
Congo Ebola Virus अत्यंत दुर्लभ ‘बुंडिबुग्यो’ वैरिएंट ने बढ़ाई स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता
कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा की गई जांच में यह बात सामने आई है कि इस बार मरीजों में इबोला का बेहद दुर्लभ और खतरनाक माना जाने वाला ‘बुंडिबुग्यो’ (Bundibugyo) वैरिएंट पाया गया है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यह वैरिएंट बेहद संक्रामक है और बहुत तेजी से अपने पैर पसारता है। ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 1976 के बाद से कांगो में इबोला का यह 17वां सबसे बड़ा और घातक हमला माना जा रहा है।
Congo Ebola Virus बुनिया शहर में गहराया संकट, एक चिकित्सा कर्मी की मृत्यु से खुला राज
इतुरी प्रांत की प्रांतीय राजधानी बुनिया में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, जहाँ अस्पतालों पर मरीजों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, भय के कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
कांगो के स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल-रोजर काम्बा के अनुसार, इस महामारी का पहला संदिग्ध मामला अप्रैल के अंत में तब प्रकाश में आया, जब बुनिया के एक अस्पताल में कार्यरत एक नर्स की अचानक मृत्यु हो गई। जांच रिपोर्ट में इबोला की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और इसके बाद एक-एक कर संक्रमण के मामले सामने आने लगे।
Congo Ebola Virus संचरण के लक्षण और डब्लूएचओ (WHO) की ‘ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी’
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए कांगो और पड़ोसी देश युगांडा के सीमावर्ती क्षेत्रों में ‘ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी’ (वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल) की घोषणा कर दी है। वर्तमान में दोनों देशों को मिलाकर कुल मौतों का आंकड़ा 88 को पार कर चुका है, जबकि 300 से अधिक संदिग्ध मरीज निगरानी में हैं।
Congo Ebola Virus इबोला कैसे फैलता है और इसके लक्षण क्या हैं?
इबोला एक अत्यंत घातक संक्रामक रोग है, जो संक्रमित व्यक्ति के रक्त, पसीने, उल्टी या अन्य शारीरिक द्रव्यों के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। इसके मुख्य लक्षणों में अचानक तेज बुखार आना, अत्यधिक शारीरिक कमजोरी, मांसपेशियों व सिर में असहनीय दर्द, उल्टी-दस्त और गंभीर स्थिति में शरीर के अंदरूनी या बाहरी हिस्सों से रक्तस्राव (Bleeding) होना शामिल है।
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